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भोजशाला पर बड़ा फैसला करीब! हाईकोर्ट में आज खुलेगी वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट

Bhojshala ASI Survey Report: भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर कानूनी जंग फिर तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट में एएसआई की 98 दिन की सर्वे रिपोर्ट आज खोली जाएगी, जिससे विवाद की दिशा तय हो सकती है।

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Feb 16, 2026
Bhojshala ASI Survey Report Hearing in High Court (फोटो- Patrika.com)

MP News: केंद्रीय पुरातत्व विभाग अधीन स्मारक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर दायर याचिका में एक साल बाद फिर से सुनवाई शुरु होगी। 16 फरवरी को हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से याचिकाकर्ता धार के आशीष गोयल सहित अन्य की ओर से दायर मुकदमे में कोर्ट के समक्ष एएसआइ द्वारा प्रस्तुत सर्वे रिपोर्ट (Bhojshala ASI Survey Report) खोली जाएगी। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्मारक का धार्मिक स्वरूप तय होगा। हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की डबल बैंच में मुकदमा सुनवाई के लिए नियत किया गया है। प्रकरण 62वें नंबर पर है। संभावना है कि इस मामले में सोमवार को ही सुनवाई शुरु हो जाएगी। मामले में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और उच्च न्यायालय के अभिभाषक विनय जोशी सुनवाई के दौरान मौजूद रहेंगे।

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98 दिन चला था सर्वे

भोजशाला के धार्मिक स्वरूप एवं अन्य विषयों को लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से याचिका दायर की गई थी। इस मामले में कोर्ट के निर्देश पर केन्द्रीय पुरातत्व विभाग की टीम ने हिंदू और मुस्लिम पक्ष के प्रमुख लोगों की मौजूदगी में करीब 98 दिनों तक भोजशाला में सर्वे किया था। इसमें हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से आशीष गोयल और बाबा कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी की ओर से अब्दुल समद पूरे सवा तीन महीने सर्वे के दौरान मौजूद रहे। प्रातः से संध्या तक सर्वे कार्य किया गया था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले थे।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के बगैर फैसला नहीं

एएसआइ ने 15 जुलाई 2024 को सर्वे रिपोर्ट उच्च न्यायालय में प्रस्तुत कर दी थी। इस मुकदमे को लेकर मुस्लिम पक्ष से अब्दुल समद ने कोर्ट में सर्वे को लेकर याचिका दायर की थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे रिपोर्ट को खोलने और फैसला सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के बगैर देने पर रोक लगा दी थी।

अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुनवाई शुरू

23 जनवरी 2026 को भोजशाला में शुक्रवार के दिन वसंत पंचमी तिथि आने पर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में निर्विघ्न पूजा के लिए एक आवेदन दिया गया था। इस आवेदन पर 22 जनवरी को कोर्ट ने पूजा और नमाज को लेकर एक आदेश पारित किया था। इसी आदेश में हाईकोर्ट में लंबित हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के मुकदमे पर पुनः जल्द सुनवाई करने के लिए कहा था। इस दौरान कोर्ट ने सर्वे रिपोर्ट खोलने एवं इसकी प्रतियां दोनों पक्षों को उपलब्ध कराने के लिए कहा था। 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पहली तारीख 16 फरवरी की लगी है और संभावना है कि सोमवार को सर्वे रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष खोल दी जाएगी। इससे सर्वे में क्या-क्या पाया गया यह पता चल जाएगा।

सन 1034 में हुआ था निर्माण

हिंदू पक्ष के अनुसार भोजशाला पुरा महत्व की धरोहर होने के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़ा हुआ एक स्मारक है। इसका निर्माण सन् 1034 में महाराजा भौज द्वारा सरस्वती कंठाभरण स्थल के रूप में करवाया गया था। यह एक ज्ञानशाला थी। इसे मां वाग्देवी का प्राकट्य स्थल भी कहा जाता है। इसका शुभारंभ वसंत पंचमी उत्सव मनाकर किया गया था। कहा जाता है कि राजा भोज को मां वाग्देवी ने वर्शन दिए थे। उनके आशीर्वाद से राजा भोज ने 84 अलग-अलग विचाओं के ग्रंथों की रचना की थी। उनके शासन काल में निर्मित अधोसंरचना के काम अद्भुत इंजीनियरिंग का एक अनुपम उदाहरण रहे हैं। (MP News)

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Published on:
16 Feb 2026 01:07 am
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