धार

भोजशाला से 1Km दूर जमीन चिन्हित, मुस्लिम समुदाय ने नहीं पढ़ी नमाज

Bhojshala Dispute- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद धार की भोजशाला में शुक्रवार को दिनभर की मशक्कत के बाद प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय के लिए जमीन चिन्हित कर दी...।
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Jul 17, 2026
Bhojshala Dhar
Bhojshala Dhar- 17 जुलाई शुक्रवार को धार की भोजशाला में चारों तरफ सुरक्षा का घेरा है।

Dhar News- धार की भोजशाला में शुक्रवार को पूजा हो गई, लेकिन कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन के लिए जमीन का आवंटन चुनौती बन गया था। शुक्रवार को दोपहर में जुमे की नमाज के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम मालीवाड़ा की सर्वे क्रमांक 664 पर जमीन चिन्हित कर दी। लेकिन, मुस्लिम समुदाय ने उसे मानने से इनकार कर दिया। जुमे की नमाज का वक्त निकल गया, लेकिन मुस्लिम पक्ष जिला प्रशासन से लगातार चर्चा कर रहा है।

शुक्रवार को धार में भोजशाला मामले में प्रशासन की परीक्षा की घड़ी थी। सुप्रीम कोर्ट के आर्डर की कॉपी मिलने के बाद प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय को अलग जगह पर नमाज के लिए व्यवस्था करने की तैयारी शुरू कर दी थी। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को ग्राम मालीवाड़ा में जगह चिन्हित की, लेकिन मुस्लिम समुदाय ने इसे मानने से इनकार कर दिया। क्योंकि यह जगह भोजशाला से एक किलोमीटर दूर है और यह जमीन चालीस पीर दरगाह के सामने है। इधर, भोजशाला मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने 5 अगस्त की सुनवाई तय की है।

जमीन की साफ-सफाई शुरू

भोजशाला से आधा किलोमीटर दूर स्थित चालीस पीर दरगाह के सामने इस जमीन को नमाज के लिए चिन्हित किया गया है।

इससे पहले चलता रहा असमंजस का दौर

भोजशाला के भीतर जिसे कोर्ट ने मंदिर माना है, उसमें शुक्रवार की सुबह हिन्दू समाज ने पूजा-अर्चना की। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय को भी भोजशाला परिसर से अलग जगह पर नमाज की अनुमति दी है। स्थान को लेकर दोपहर तक संशय बना रहा। नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति प्रशासन को प्राप्त हो गई थी। उसी के अध्ययन के बाद प्रशासन ने जमीन चिह्नित की थी। जमीन चिन्हित किए जाने के साथ ही वहां पर साफ-सफाई का काम तेजी से शुरू हो गया।

कलेक्टर बोले- जरूरी कदम उठाएंगे

इधर, शुक्रवार की नमाज़ के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर धार के ज़िला कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने आज अपनी वेबसाइट पर आदेश अपलोड कर दिया है… कोर्ट के निर्देशों का विश्लेषण करने के बाद, हम उन्हें लागू करने के लिए ज़रूरी कदम उठाएंगे… प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने और धार में शांतिपूर्ण स्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी तैयारियां करेगा।"

यह है मामला

भोजशाला में धार्मिक अधिकारों के दावे को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया था। इसमें वैज्ञानिक सर्वेक्षण के आधार पर भोजशाला को मंदिर मान्य किया और शुक्रवार की जुमे की नमाज रोक दी गई थीं। इसी को लेकर मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। कोर्ट ने 14 जुलाई को मामले में सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत के तौर पर शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष को संरक्षित क्षेत्र में नमाज के लिए खुला स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। यह निर्देश आदेश के रूप में अपलोड होना था। बीते 48 घंटे से दोनों पक्ष आदेश अपलोड होने का इंतजार कर रहे है।

भोजशाला उत्सव समिति ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है, हालांकि उनके पास भी कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं पहुंची है। उधर, मुस्लिम पक्ष का कहना है कि कोर्ट ने जुमे की नमाज का अंतरिम आदेश सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अब 5 अगस्त सुनवाई की तारीख तय की है।

Updated on:
17 Jul 2026 04:49 pm
Published on:
17 Jul 2026 12:32 pm