धार

भोजशाला गेट के बाहर चिपकाया ‘गैर हिंदुओंं का प्रवेश निषेध’ लिखा पोस्टर, पुलिस ने हटवाया

mp news: भोजशाला में गेट के बाहर एक पर्चे चस्पा किया गया। इस पर्चे पर लिखा था-भोजशाला में गैर हिंदुओंं का प्रवेश निषेध है। पुलिस प्रशासन और ASI ने इस पर कार्रवाई की।
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May 17, 2026
Entry of non-Hindus prohibited written poster pasted outside Bhojshala gate mp news
poster pasted outside Bhojshala gate (फोटो-Patrika.com)

mp news: मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला (Bhojshala) को हाईकोर्ट द्वारा सरस्वती माता का मंदिर घोषित किया गया। इसके बाद ASI ने यहां हिंदुओं को 365 दिन पूजा करने की अनुमति दे दी। इस अनुमति के बाद भोजशाला में वाग्देवी की मूर्ति की स्थापित कर पूजा अर्चाना की गई। वहीं, संध्या आरती के बाद यहां विवाद की स्थिति बन गई जब किसी व्यक्ति ने भोजशाला के गेट के बाहर एक पर्चा (पोस्टर) चस्पा कर दिया जिसमे लिखा था - भोजशाला में गैर हिंदुओं का प्रवेश निषेद है।'

गेट के बाहर लगाया पोस्टर, ASI ने की कार्रवाई

संध्या आरती के बाद भोजशाला के गेट के बाहर बोर्ड पर एक पर्चा चस्पा किया गया। जिस पर लिखा था 'भोजशाला में गैर हिंदुओंं का प्रवेश निषेध है।' जैसे इस परर्चे पर एएसआई अधिकारियों की नजर पड़ी, वैसे उसे हटा दिया। भोज उत्सव समिति के संयोजक गोपाल शर्मा अपने हाथ में पर्चा लेकर खड़े हो गए थे। शर्मा ने कहा कि न्यायालय में स्पष्ट आदेश दिया है कि यह हिंदू मंदिर हैं। ऐसे में गैर समाज यहां आकर कोई धार्मिक गतिविधि नहीं कर सकता। कोई अन्य धर्म का व्यक्ति यहां प्रवेश करना चाहता है तो माथे पर तिलक व भगवा धारण कर उसे मंदिर में आना होगा । जिसका समाज स्वागत करेगा। एएसआई ने बोर्ड पर चस्पा पर्चे को हटा दिया। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी भी भोजशाला पहुंचे और मामले को शांत करवाया और पर्चे को हटवा दिया।

भोजशाला मंदिर में विराजित हुई मां वाग्देवी, दिनभर चला हवन

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में रविवार को मां वाग्देवी का प्रतीकात्मक स्वरूप चित्र के साथ स्थापित कर दिया गया। सुबह साढ़े 6 बजे मां के चित्र के साथ भोज उत्स्व समिति के सदस्यों दुवारा मां को ससम्मान गर्भग्रह में स्थापित किया गया। सुबह ढोल -ताशे बजाते हुए सकल हिंदु समाज जनों में भोजशाला के अंदर प्रवेश किया। इसके बाद सभी सदस्यों ने खुशी में झूमते हुए नृत्य किया। यहां रविवार को दिनभर पूरे विधि-विधान के पूजा और हवन प्रक्रिया पूरी की गई। मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में माता के भक्त मौजूद थे।

केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने किए दर्शन

केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर भी दर्शन के लिए भोजशाला पहुंची। दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि, राजा भोज दुवारा निर्मित भोजशाला शुरु से सरस्वती मंदिर था। हाई कोर्ट ने भी इस बात को स्वीकार किया है। अब यहां जल्द से जल्द मां वग्वदेवी की मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार से मांग की जाएगी।

Updated on:
17 May 2026 09:56 pm
Published on:
17 May 2026 09:56 pm