MP News: पति की मौत के महज 12 घंटे बाद पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली और मुक्तिधाम में एक ही चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
MP News: जीवनभर साथ निभाने का वादा कभी-कभी मौत के बाद भी सच हो जाता है। धार के बाग नगर में शनिवार को ऐसी ही मार्मिक घटना सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। पति की मौत के महज 12 घंटे बाद पत्नी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई और मुक्तिधाम में एक ही पर संस्कार किया नियता इस उनका दाह संस्कार का शोक में डुबो दिया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम को प्रभु लाल प्रजापत (69) को अचानक दिल का दौरा पड़ा। परिजन उन्हें उपचार के लिए बड़वानी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया। परिवार शोक में डूबा ही था कि शनिवार सुबह उनकी पत्नी छोटाबाई प्रजापत को भी अचानक दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने भी दम तोड़ दिया। पति के वियोग को शायद वह सहन नहीं कर पाई। करीब 12 घंटे के अंतराल में पति-पत्नी दोनों के निधन की खबर से पूरे नगर में शोक की लहर फैल गई।
शनिवार को जब दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली तो हर किसी की आखें नम हो गई। दो अलग-अलग अर्थियों के साथ चल रहे परिजन और रिश्तेदारों का दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल था। बड़ी संख्या में नगरवासी भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। मुक्तिधाम पहुंचने पर पति-पत्नी का दाह संस्कार एक ही चिता पर किया गया। दोनों को मुखाग्नि उनके पुत्र कृष्णा और महेंद्र ने दी। प्रभु लाल और छोटाबाई की इस अंतिम विदाई ने नगरवासियों को रिश्तों की गहराई और जीवन की नश्वरता का अहसास करा दिया, मानो दोनों ने सचमुच मरते दम तक साथ निभाने का वादा पूरा किया।
नगर में इस तरह की घटना लंबे समय बाद सामने आई है। वर्ष 2010 में एक सडक दुर्घटना में एक ही परिवार के पति-पत्नी और पुत्र की मृत्यु हो गई थी, तब तीनों की अंतिम यात्राएं एक साथ निकली थी। उसके बाद यह पहला मौका है जब पति की मौत के बाद पत्नी ने भी दम तोड़ दिया और दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। शनिवार को नगर में एक और अंतिम संस्कार हुआ। सुबह 10 बजे ऋषभ मालवी की भी अंतिम यात्रा निकाली गई।