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अदालत में ‘चाय पर चर्चा’ से सुलझा वर्षों का विवाद, 12 साल पुराना पति-पत्नी का मामला सुलझा

MP News: नेशनल लोक अदालत में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां वर्षों से चल रहे पति-पत्नी के विवाद का समाधान ‘चाय पर चर्चा’ के दौरान हो गया।

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धार

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Akash Dewani

Mar 15, 2026

Years Old Disputes Resolved in National Lok Adalat Over chai pe charcha in dhar mp news

chai pe charcha in National Lok Adalat (फोटो- गूगल फोटो)

MP News: कभी-कभी लंबे समय से उलझे विवाद भी संवाद और समझाइश से सुलझ जाते हैं। धार में शनिवार को नेशनल लोक अदालत में ऐसा ही एक अनूठा मामला सामने आया, जहां 'चाय पर चर्चा के दौरान पति-पत्नी के बीच वर्षों से चल रहे विवाद का समाधान निकल आया। प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुक्षी डॉ. आरती शुक्ला पाण्डेय और खंडपीठ सदस्य - गायत्री पाटीदार की पहल से दोनों पक्षों में समझौता हुआ, जिसके बाद उनसे जुड़े कुल 17 लंबित प्रकरणों के निराकरण का रास्ता साफ हो गया। जानकारी के अनुसार, दंपती का विवाह वर्ष 2008 में हुआ था और उन्हें एक पुत्र व एक पुत्री है। वर्ष 2013 के बाद दोनों के बीच बीच मतभेद बढने लगे और मामला अलगाव तक पहुंच गया। इसके बाद पत्नी ने भरण पोषण, घरेलू हिंसा, हिंदू विवाह अधिनियम और दहेज प्रताडना सहित कई प्रकरण दर्ज कराए।

वहीं, पति की ओर से भी विभिन्न न्यायालयों में प्रकरण दायर किए गए और मामला अपील व रिविजन होते हुए उच्च न्यायालय तक पहुंच गया। वर्षों से चल रही इस मुकदमेबाजी के बीच प्रथम नेशनल लोक अदालत मे खंडपीठ द्वारा दोनों पक्षों को आमने सामने बैठाकर सहज माहौल में बातचीत कराई गई। 'चाय पर चर्चा' के दौरान समझाइश का असर हुआ और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से राजीनामा करने का निर्णय ले लिया। इससे कुल 17 प्रकरणों के निराकरण का रास्ता खुल गया। लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय के कई मामलों में टूटते रिश्तों को आपसी सहमति और समझाइश से फिर जोड़ा गया, वहीं मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े प्रकरणों के निराकरण से पीड़ित परिवारों को आर्थिक राहत भी मिली।

प्री-लिटिगेशन में भी बड़ी सफलता

1165 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी समाधान किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा 3.40 करोड़ रुपए की राशि की वसूली हुई और 1349 लोग लाभान्वित हुए। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कुल 2129 प्रकरणों का निराकरण कर 24.99 करोड़ रुपए की राशि के अवार्ड पारित या वसूल किए गए, जिससे 3539 लोगों को लाभ मिला। लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर जिला न्यायाधीश संजीव अग्रवाल, विशेष न्यायाधीश मेरी मार्गरेट फ्रांसिस डेविड, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय पावस श्रीवास्तव, प्रथम जिला न्यायाधीश पारस कुमार जैन, न्यायाधीश एवं सचिव प्रदीप सोनी सहित जिला मुख्यालय पर पदस्थ समस्त न्यायाधीश उपस्थित रहे। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हितैष ठाकुर, एलएडीएस चीफ सतीश ठाकुर, बैंकिंग कंपनियों के प्रबंधक, विद्युत वितरण कंपनी, दूरसंचार विभाग आदि के कर्मचारी मौजूद रहे।

41 खंडपीठों में हुआ व्यापक निराकरण

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय धार सहित कुक्षी, धरमपुरी, मनावर, सरदारपुर और बदनावर तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई। प्राधिकरण के सचिव प्रदीप सोनी ने बताया कि पूरे जिले में 41 खंडपीठों का गठन किया गया था। इनमें विभिन्न प्रकार के वांडिक और सिविल राजीनामा योग्य 964 लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया गया, जिससे 2190 लोग लाभान्चित हुए और 21.58 करोड़ रुपए के अवार्ड पारित किए गए।

'न्याय वृक्ष' भी किए गए वितरित

लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों के पक्षकारों को वन विभाग के समन्वय से न्याय वृक्ष' के रूप में जामुन बरगद, पीपल और आंवला के पौधे वितरित किए गए, ताकि न्याय के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा सके।