धार

इतिहास में पहली बार…भोजशाला पहुंची हाईकोर्ट की डबल बेंच, 50 मिनट परिसर में रहा न्यायाधीशों का दल

Dhar Bhojshala : भोजशाला एवं कमाल मौला मस्जिद मामले में हाईकोर्ट की डबल बेंच निरीक्षण करने पहुंची। बेंच ने एएसआई सर्वे में सामने आए तथ्यों का सत्यापन किया। 50 मिनट तक न्यायाधीशों का दल परिसर में रहा। 2 अप्रेल की सुनवाई से पहले फैसले का महत्व और बढ़ गया है।

3 min read
Mar 29, 2026
भोजशाला पहुंची हाईकोर्ट की डबल बेंच (Photo Source- patrika)

Dhar Bhojshala :मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक और संवेदनशील भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद के मामले में शनिवार को एक अभूतपूर्व घटनाक्रम देखने को मिला। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ की डबल बेंच के न्यायाधीश विजय कुमार शुक्ला एवं आलोक अवस्थी स्वयं भोजशाला परिसर का भौतिक निरीक्षण करने पहुंचे। न्यायिक प्रक्रिया में ये कदम न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि इस बहुचर्चित मामले के अंतिम निर्णय की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।

दोपहर करीब 1:53 बजे न्यायाधीशों का काफिला सीधे भोजशाला परिसर पहुंचा, जहां उन्होंने करीब 50 मिनट तक रुककर एएसआइ की सर्वे रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों को धरातल पर देखा और परखा। उनके आगमन के मद्देनजर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और एसपी मयंक अवस्थी भी मौजूद रहे। आम तौर पर अदालतें दस्तावेजों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर निर्णय सुनाती हैं, लेकिन इस मामले में कोर्ट का खुद मौके पर पहुंचना इसे ऐतिहासिक बना गया।

ये भी पढ़ें

खेत के गड्ढे में डूबकर एक ही परिवार के दो मासूमों की मौत, गांव में मातम

ये संभवत: पहली बार है जब न्यायाधीशों ने किसी धार्मिक स्वरूप से जुड़े विवाद में स्वयं स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट की पुष्टि की। निरीक्षण के दौरान एएसआई सर्वे में चिन्हित स्तंभों, शिलालेखों, प्राचीन लिपियों और वास्तुशिल्प के विभिन्न पहलुओं को बारीकी से देखा गया।

पूरी तरह गोपनीय रहा दौरा

भोजशाला पहुंची हाईकोर्ट की डबल बेंच (Photo Source- patrika)

न्यायाधीशों का यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया। न तो हिंदू पक्ष और न ही मुस्लिम पक्ष के याचिकाकर्ताओं को मौके पर आने दिया गया। वहीं, मीडिया को भी परिसर में प्रवेश नहीं मिला। इस दौरान एएसआई भोपाल सर्कल के अधिकारियों ने न्यायाधीशों को तकनीकी और ऐतिहासिक जानकारी दी। साथ ही, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और मौजूदा स्थिति से भी अवगत कराया गया।

फैसले की दिशा तय करेगा निरीक्षण

गौरतलब है कि, भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर साल 2022 में याचिका दायर की गई थी, जिसमें इसे हिंदू मंदिर बताते हुए अन्य धार्मिक गतिविधियों को अवैधानिक बताया गया है। कोर्ट के निर्देश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा लगभग 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वे किया गया था। ये सर्वे रिपोर्ट अब इस पूरे मामले का सबसे अहम आधार बन चुकी है। हालांकि, रिपोर्ट पर पहले सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई थी, लेकिन हालिया निर्देशों के बाद हाईकोर्ट इस पर तेजी से सुनवाई कर रहा है।

2 अप्रेल को अहम सुनवाई

इस बहुप्रतीक्षित मामले में अब 2 अप्रेल को सुनवाई निर्धारित है। कोर्ट एएसआई रिपोर्ट के साथ-साथ अन्य याचिकाओं और आपत्तियों पर भी पक्षकारों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख सकता है।

कड़ी सुरक्षा में हुआ निरीक्षण

भोजशाला पहुंची हाईकोर्ट की डबल बेंच (Photo Source- patrika)

निरीक्षण के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भोजशाला के प्रवेश मार्ग से लेकर आसपास के इलाकों तक पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरा घटनाक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

एक नजर में जानें, क्यों खास है यह घटनाक्रम

-पहली बार न्यायाधीशों ने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया।
-एएसआई रिपोर्ट की जमीनी पुष्टि की गई।
-पूरी प्रक्रिया गोपनीय रही।
-2 अप्रेल की सुनवाई से पहले बढ़ी फैसले की अहमियत।

ये भी पढ़ें

भाजपा पार्षद ने गाड़ी के शीशे तोड़े, बिजली कर्मचारियों को बेरहमी से पीटा

Published on:
29 Mar 2026 06:57 am
Also Read
View All

अगली खबर