धार

भोजशाला में चुपके से प्रतिमा रखे जाने का मामला, परिसर में बढ़ाई गई चौकसी

Bhojshala Security : एसपी सचिन शर्मा ने कहा- 'प्रतिमा रखने या ना रखने की कोई गाइडलाइन नहीं है। एक पक्ष अगर इसकी शिकायत कर भी रहा है तो उसकी वैधता नहीं है।'
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Updated: 8 Jun 2026, 7:10 AM IST
Bhojshala Security
भोजशाला में चुपके से प्रतिमा रखे जाने का मामला (Photo Source- Patrika)

Dhar News :मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर में शनिवार को मां वाग्देवी की अष्टधातु की प्रतिमा विराजित किए जाने की घटना के बाद प्रशासन भी हरकत में आया है। परिसर के अंदर सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है। मामला संज्ञान में आने के तुरंत बाद प्रतिमा को प्रशासन ने हटा दिया है। अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि, परिसर के अंदर इस प्रतिमा को कौन लेकर आया था।

रविवार को गर्भगृह में पूर्व की भांति मां वाग्देवी का प्रतीकात्मक स्वरूप स्थापित था, जिसकी पूजा - अर्चना की गई। वहीं, शनिवार के घटनाक्रम को लेकर कोई भी जवाबदार अधिकारी बयान देने की स्थिति में नहीं है। एएसआई अधिकारी प्रशांत पाटनकर ने अधिकृत बयान देने से साफ इंकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि, शनिवार दोपहर को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भोजशाला परिसर में प्रवेश करने के साथ गर्भगृह में मां वाग्देवी की अष्टधातु की प्रतिमा को रख दिया था, जिसकी जानकारी लगने के बाद कई लोग दर्शन के लिए पहुंचे थे।

लंदन संग्रहालय से मूर्ति लाने की मांग

मां वाग्देवी की प्राचीन मूर्ति लंदन संग्रहालय में रखी है, जिसे बिटिश शासन में ले जाया गया था। हाल ही में भोजशाला को हाईकोर्ट द्वारा मंदिर घोषित किए जाने के बाद हिंदू समाज द्वारा मूर्ति को लंदन से वापस लाने की मांग की जा रही है। मां वाग्देवी की एक प्रतिमा ग्वालियर के प्रभात स्टूडियो में रखी हुई है। इस प्रतिमा का निर्माण वर्ष 2011 में संघ के पूर्व प्रचारक नवल किशोर शर्मा द्वारा करवाया गया था। किन्हीं कारणों से ये प्रतिमा धार नहीं आ पाई है।

इधर, मुस्लिम समाज ने घटनाक्रम पर जताया ऐतराज, सौंपा ज्ञापन

कमाल मौला मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने भोजशाला - कमाल मौला मस्जिद परिसर में अनधिकृत प्रवेश और प्रतिमा स्थापित करने की घटना पर गहरा रोष जताया है। कमेटी ने रविवार को थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। कमेटी के नायब सदर इरशाद मंसूरी ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए इसे कानून का उल्लंघन और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करार दिया। मंसूरी ने स्पष्ट किया कि यह परिसर एक संरक्षित स्मारक है और यहां धार्मिक स्वरूप में हस्तक्षेप करना दंडनीय अपराध है। कमेटी ने मांग की है कि, संबंधित अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की गई है।

शिकायत की वैधता नहीं

वहीं, मामले को लेकर धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने कहा है कि, 'प्रतिमा रखने या ना रखने की कोई गाइडलाइन नहीं है। एक पक्ष अगर इसकी शिकायत कर भी रहा है तो उसकी वैधता नहीं है।'

Updated on:
8 Jun 2026, 7:10 AM IST
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