धार

आजादी के बाद पहली बार रेल की सौगात, खुशी में झूमे लोगों ने लहराया तिरंगा

Indian Railways : रेल की सौगात... धार की धरती पर पहली बार पहुंचा रेल इंजन। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत पीथमपुर से धार के बीच शुरु हुआ ट्रायल। 40 की स्पीड से टै्रक पर दौड़ा इंजन, 1 घंटे 50 मिनट ट्रायल हुआ।
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Mar 24, 2026
Indian Railways
धार को रेल की सौगात (Photo Source- Patrika)

Indian Railways : आजादी से अबतक पिछले सात दशकों से जिस घड़ी का मध्य प्रदेश के धार वासियों को इंतजार था, वो अब पूरा हो गया। धार की धरती पर पहली बार रेल का इंजन पहुंचा तो लोग खुशी से झूम उठे। तिरंगा लहराते हुए शहरवासियों ने रेल इंजन का स्वागत किया। इस दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। ये नजारा इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत पीथमपुर से धार रेलवे स्टेशन तक टॉवर वैगन (इंजन) चलाकर ट्रैक की टेस्टिंग के दौरान दिखाई दिया है।

रेल लाओ संघर्ष महासमिति के पवन जैन गंगवाल समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों ने मोबाइल से इस दृश्य को कैमरे में कैद किया। धार के लिए आज का दिन इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गया। आजादी के बाद जिले के लोगों का सपना पूरा हुआ। धार के साथ ही सागौर, गुणावद में भी लोगों ने स्टेशन पर खड़े रहकर इंजन को स्वागत किया। 38 किमी के इस ट्रैक पर 40 की स्पीड से इंजन को दौड़ाया गया, जिसकी मदद से पटरी की मजबूती, ट्रैक के लेवल और मेजरमेंट की जानकारी ली गई। जो खामियां पाई गई, उन्हें इंजीनियरों ने नोट किया। इसकी फाइनल रिपोर्ट तैयार कर सुधार किया जाएगा। इसके बाद 25 मार्च को फाइनल ट्रायल होगा।

एक घंटे 50 मिनट में पूरा हुआ सफर

रेलवे द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार से टेस्टिंग की शुरुआत की गई। सागौर में रेलवे के मुख्य इंजीनियर (निर्माण) धीरज कुमार मुंबई द्वारा ट्रैक पर विधिवत पूजन किया गया। इकसे बाद ट्रायल शुरु हुआ। दोपहर 2 बजकर 27 मिनट पर इंजन रवाना हुआ। जो सर्वप्रथम पीथमपुर पहुंचा। यहां से  शायरन बजाते हुए इंजन पटरी दौड़ लगाने लगा। सागौर, गुणावद रेलवे स्टेशन से होते हुए दोपहर 4. 27 मिनट पर धार रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। तकरीबन एक घंटे 50 मिनट में यह सफर हुआ। इंजन के अंदर रेलवे के मुख्य इंजीनियर सहित मुख्य उपममुख्य इंजीनियर अंकुर सिंह (सी-1) और दिनेश कुमार मीणा (सी-2) मौजूद रहे। जिनके द्वारा संपूर्ण ट्रैक का निरीक्षण किया गया।

तिरंगा हाथों में लेकर पहुंचे, इंजन के पहुंचे ही गूंजे नारे

धार में रेल इंजन को पटरी पर दौड़ते देखने के लिए लोगों में अलग ही उत्साह नजर है। बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पर पहुंचे थे। जिनके द्वारा इंजन के स्टेशन पर पहुंचते ही तिरंगा लहराते हुए स्वागत किया। साथ ही भारत माता के जय के नारे लगाएं। युवाओं सहित महिलाएं, बच्चे भी ट्रेन को देखने पहुंचे। कई लोगों ने मोबाइल से सेल्फी भी खींची।

टिही टनल में अधूरी, जून तक काम पूरा होने का दावा

इंदौर से धार के बीच 55 किमी के ट्रैक में से अभी सिर्फ 38 किमी पर ट्रायल हो रहा है। पीथमपुर से इंदौर के बीच अभी टेस्टिंग नहीं हो पाई। दरअसल, टिही टनल में कार्य अधूरा होने से इंदौर से पीथमपुर के बीच ट्रैक पर फाइनल ट्रायल बाद में होगा। अभी टनल के अंदर फिनिशिंग समेत ट्रैक का कार्य अधूरा है। संभवत: जून तक काम पूरा होगा। इसके बाद ट्रायल किया जाएगा। इंदौर से धार के बीच जून तक ट्रेन चालू होने का दावा किया जा रहा है।

208 किमी की परियोजना, 1800 करोड़ हुई लागत

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना की कुल लंबाई 208 किमी है। इसमें अभी धार से इंदौर के बीच ही काम पूरा हो पाया है। दूसरे चरण में धार से झाबुआ के बीच 80 किमी का काम होना है। जिसमें कई जगह अभी भूमि अधिग्रहण ही नहीं हो पाया है। मालूम हो कि प्रोजेक्ट की स्वीकृति 2006 में मिली थी। 2008 में भूमिपूजन हुआ था। शुरुआती दौर में प्रोजेक्ट की लागत करीब 4000 करोड़ थीं, जो अब बढ़कर 18000 करोड़ के तक पहुंच चुकी है।

रोजगार के साथ पर्यटन को फायदा

रेल लाओ समिति के अध्यक्ष पवन जैन गंगवाल ने बताया कि रेल परियोजना से आदिवासी अंचल में रोजगार के साथ पर्यटन को फायदा होगा। पीथमपुर से धार के बीच काम पूरा होने से जनता में खुशी है। लेकिन काम अभी पूरा नहीं हुआ है। परियोजना की साथ्र्रकता तभी है, जब प्रोजेक्ट पूरा होगा। उन्होंने बताया कि धार से झाबुआ के बीच जब तक काम पूरा नहीं होता, इंदौर से दाहोद के बीच रेल का संचालन नहीं हो पाए है। हमारी मांग है कि छोटा उदयपुर रेल लाइन को भी इससे जोड़ा जाए। जिसमें जोबट से टांडा व्हाया धार तक 43 किमी का कार्य बाकी है। यदि यह ट्रैक तैयार होता है, तो बड़ौदा होते हुए मुंबई तक पहुंचना आसान हो जाएगा। जिसका लाभ औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर मिलेगा।

Updated on:
24 Mar 2026 01:27 pm
Published on:
24 Mar 2026 01:27 pm