
Anger Against Polluted and Smelly Water- मध्य प्रदेश के धार शहर में दूषित और बदबूदार पानी की सप्लाय को लेकर यूथ कांग्रेस (Youth Congress Protest) ने नगर पालिका के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नपा परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए मिट्टी के घडे फोड़े और चूड़ियां फेंककर जमकर विरोध जताया। इस बीच परिसर में खड़ी फायर ब्रिगेड वाहन से प्रदर्शनकारियों पर पानी भी बरसाया गया। विरोध के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ता सीएमओ कक्ष में घुस गए। इस दौरान कक्ष में लगा गेट भी टूट गया। सीएमओ के सामने कार्यकर्ताओं ने दूषित पानी को लेकर जमकर विरोध किया। स्थिति को बिगड़ते देख कोतवाली और नौगांव पुलिस भी मौके पर पहुंची और कार्यकर्ताओं को नियंत्रित किया। विरोध के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने सीएमओ को चूड़ियां पहनाने की कोशिश भी की।
दरअसल नगर पालिका परिषद विगत कई दिनों से शहर के वार्डों में दूषित और बदबूदार पानी सप्लाई कर रही थी। जिसके विरोध में यूथ कांग्रेस के बैनर तले जिला अध्यक्ष रोहित कामदार के नेतृत्व में नगर पालिका का घेराव किया जा रहा था। लालबाग में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ शहर की महिलाएं भी एकत्रित हुईं और पैदल मार्च करते हुए कार्यकर्ता हाथ में दूषित पानी की बोतलें और मिट्टी के घड़े लेकर निकले। नगर पालिका परिसर पहुंचे और विरोध स्वरुप कार्यकर्ताओं ने नपा परिसर के बाहर की घड़ों को फोड़ना शुरू कर दिया और गंदे पानी की बोतलें दिखाकर सीएमओ और नपा अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं नपा गेट के सामने मिट्ट के घड़े फेंकना शुरू कर दिए। इसी दौरान परिसर बैरिकैडिंग के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए खड़े नौगांव टीआइ हीरूसिंह रावत के सिर पर मिट्टी का घड़ा फूट गया, हालांकि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। आक्रोशित कुछ कार्यकर्ता नगर पालिका का गेट खोलकर सीएमओ कक्ष में घुस गए। जहां धक्का-मुक्की के दौरान कक्ष में लगा गेट टूट गया। इसी बीच महिलाएं भी कक्ष में पहुंचीं और जमकर नारेबाजी करने लगीं। महिलाओं ने बताया कि कई दिनों से शहर के वार्डो में गंदा और कीचड़ युक्त पानी सप्लाय किया जा रहा है, जिसके बाद भी नगर पालिका के अधिकारी किसी की सुनने को तैयार नहीं हैं। दूषित पानी पीने से बच्चे बीमार हो जाएंगे, लेकिन अधिकारियों को किसी की परवाह ही नहीं है। लिखित और मौखिक शिकायत के बाद भी नपा हालत नहीं सुधार रही है।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रोहित कामदार ने बताया कि शहर के विभिन्न वार्डों में पिछले 15-20 दिनों से अत्यधिक मटमैला, बदबूदार और दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है जो न पीने योग्य है और न ही नहाने योग्य। यह सीधे जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। नगरपालिका अध्यक्ष और मु य नगरपालिका अधिकारी को मीडिया व अन्य माध्यमों से लगातार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। यदि आगामी 10 दिनों के भीतर शहर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुचारू नहीं की गई तो उग्र आंदोलन करते हुए ताला लगाओ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
गंदा पानी नहीं है, गंदा पानी वो होता है जिसमें सीवरेज मिला हुआ हो। हमारे यहां इनटेक वेल तालाब से पानी सप्लाय होता है। जब तालाब में जलस्तर कम होता है तो थोड़ा मटमैला पानी आता है। इस समस्या थी इस पर काबू पा लिया गया था। आज जो वो पानी लाए थे वह बहुत दिन पहले की सप्लाय का कोई पानी होगा। वर्तमान में हम फिल्टर प्लांट में एलम, और लीचिंग पर डाल रहे हैं। हमारे अधिकारियों और मैंने स्वयं जाकर गलियों में चेक किया है। जो पानी आ रहा है साफ आ रहा है -कुंवर विश्वनाथ सिंह, सीएमओ नपा, धार
सीएमओ के बाहर आने के आश्वासन के बाद कार्यकर्ता डटे रहे और जमकर नारेबाजी करते रहे। इस बीच करीब एक घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। काफी समय बीत जाने के बाद सीएमओ कक्ष से बाहर निकले। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने सीएमओ ज्ञापन सौंपा। जिसमें शहर में पानी की समस्या का निराकरण सहित अन्य मांगें रखी।