
Hariyali Teej-Kajari Teej 2026: अगस्त महिलाओ का महीना है। सखियों का महीना है। सावन-भादो के इस पूरे महीने शहर में मेंहदी की खुशबू, झूलों की पींगे और व्रत-उत्सवों की रौनक रहेगी। मंगला गौरी से शुरू होकर कजली तीज तक, हर हफ्ते कोई न कोई पर्व सुहागिनों की दहलीज पर दस्तक देगा। शहर के महिला संगठनों ने तो अभी से सामूहिक उद्यापन की तैयारियां शुरू कर दी है। 18 और 25 अगस्त को मंगला गौरी व्रत के दौरान महिलाएं भगवान शिव-पार्वती की आराधना करेंगी। 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या, 15 अगस्त को हरियाली तीज, 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 31 अगस्त को कजरिया (कजली) तीज का पर्व मनाया जाएगा।
भाद्रपद मास 29 अगस्त से प्रारंभ होगा। जबकि 31 अगस्त को महिलाएं कजरिया (कजली) तीज का व्रत रखेंगी। चंद्रदर्शन के बाद गेहूं, आटा और बेसन से बने सत्तू का सेवन कर व्रत खोलेंगी। तीज तिथि 30 अगस्त सुबह 9.36 बजे से शुरू होकर 31 अगस्त सुबह 8.50 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार कजली तीज 31 अगस्त को मनाई जाएगी। इसे सातूड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है।
15 अगस्त को हरियाली तीज पर महिलाएं अखंड सुहाग की कामना के साथ व्रत रखकर शिव-पार्वती का पूजन करेंगी। इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु की कामना से निर्जला व्रत रखेंगी, जबकि कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए शिव-पार्वती की पूजा करेंगी। इस बार सिद्धि योग, शिव योग और शनिवार का खास संयोग बन रहा है. जिससे पर्व का महत्व और बढ़ गया है।
अमृत सिद्धि योग : बरसेगा अमृत सा लाभ
अमृत के समान फल वेने वाले अमृत सिद्धि योग इस माह दो बार पड़ेंगे। निवेश और मांगलिक कार्यों के लिए यह समय स्वर्णिम है।
16 अगस्त : सुबह 5.50 से अगले दिन सुबह 3:50 बजे तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग : हर कार्य में सफलता की गारंटी
सफलता के पर्याय माने जाने वाले सर्वार्थ सिद्धि योग इस महीने 6 दिन अपनी छटा बिखेरेंगे। इस योग में किया गया कार्य शत-प्रतिशत सफल माना जाता है।
16 अगस्त : सुबह 5.50 से अगले दिन सुबह 3.50 बजे तक।
20 अगस्त : सुबह 9.08 से अगले दिन सुबह 5.53 बजे तक।
21 अगस्त : सुबह 5.53 से अगले दिन सुबह 5.53 बजे तक।
23 अगस्त : सुबह 5.54 से शाम 5.44 बजे तक।
30 अगस्त : सुबह 5.58 से अगले दिन सुबह 3.44 बजे तक।
द्विपुष्कर और त्रिपुष्कर योग : धन दोगुना-तिगुना करने का मौका
ग्रंथों के अनुसार, इन योगों में जो भी वस्तु खरीदी जाती है या धन का निवेश किया जाता है, उसमें कई गुना वृद्धि होती है।
त्रिपुष्कर योग (25 अगस्त) : सुबह 5.55 से सुबह 6.21 बजे तक।
त्रिपुष्कर योग (29 अगस्त) : सुबह 9.57 बजे से अगले दिन सुबह 3.42 बजे तक।
रवि योगः सूर्य की ऊर्जा और तेज से चमकेंगे काम
सूर्य के प्रभाव वाले रवि योग को सभी प्रकार के दोषों और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
15 अगस्त : सबह 5.50 से अगले दिन सुबह 3.25 बजे तक।
17 अगस्त : सुबह 5.51 से अगले दिन सुबह 5.52 बजे तक।
18 अगस्त : सुबह 5.51 से अगले दिन सुबह 5.52 बजे तक।
19 अगस्त : सुबह 5.52 से सुबह 6.46 बजे तक।
21 अगस्त : सुबह 11.55 से अगले दिन सुबह 5:53 बजे तक।
22 अगस्त : सुबह 5.53 से अगले दिन सुबह 5.54 बजे तक।
23 अगस्त : सुबह 5.54 से शाम 5.44 बजे तक।
26 अगस्त : सुबह 5.56 से आधी रात 12.47 बजे तक