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बुरे स्वप्न, नींद नहीं आने की समस्या हो जायेगी खत्म- बस रात को सोने से पहले एक बार ऐसा जरूर करें

बुरे स्वप्न, नींद नहीं आने की समस्या हो जायेगी खत्म- बस रात को सोने से पहले एक बार ऐसा जरूर करें
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Nov 10, 2018
bure sapne
बुरे स्वप्न, नींद नहीं आने की समस्या हो जायेगी खत्म- बस रात को सोने से पहले एक बार ऐसा जरूर करें

क्या आपकों बुरे और डरावने स्वप्न नींद लगते ही आने लगते है, नींद ही नहीं आती या बार-बार नींद खुल जाती है, जिस कारण शरीर भी कमजोर होने लगा हो, डॉक्टर के इलाज भी काम नहीं कर रहे हो तो अब सारी चिंता छोड़ दे और आज से ही उक्त समस्या से मुक्ति पाने के लिए रात को सोने से पहले इस छोटे से उपाय को एक बार जरूर करें । अनिद्रा और बुरे, डरावने स्वप्न हो जायेंगे छूमंतर ।

मनुष्य का मन कभी-कभी किसी प्रकार की घटना से इतना क्षुब्ध हो जाता है कि न तो नींद ही ठीक से आती है और न ही स्वप्न अच्छे आते है, और थोड़ी बहुत नींद आये भी तो बुरे व डरावने सपनों की सेना उसका पीछा नहीं छोड़ती और व्यक्ति दु:स्वप्नों से इतना तंग आ जाता है कि उसे सोने से बिस्तर पर जाने से भी डर लगता है ।

अगर बुरे स्वप्न और अनिद्रा को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं तो भारतीय संस्कृति के आधार ऋषियों ने कुछ ऐसे मन्त्रों की रचना की है, जिनका जप करने से मनुष्यों के सभी प्रकार के भय और बूरे स्वप्न की समस्या दूर हो जाती है ।

1- अगर किसी को नींद नहीं आने की समस्या हो तो सोने से पहले हाथ-पैर धोकर बिस्तर पर बैठ जाये एवं इस मंत्र का मन ही मन 11 बार जप या उच्चारण करने के बाद सो जाये । ऐसा करते ही समस्या दूर हो जायेगी । इस प्रयोग को नियमित करें ।
मंत्र
अगस्तिर्माधवश्चैव मुचुकुन्दो महाबल : ।
कपिलो मुनिरास्तीक: पंचैते सुखशायिन: ।।

2- आद्य शक्ति मां दुर्गा का एक रूप निद्रा यानी की योगनिद्रा भी है । इसलिए सोन से पहले हाथ-पैर धोकर बिस्तर को साफ करके बैठ जाये एवं दुर्गा सप्तशती के इस मन्त्र को 7 या 21 बार पढ़े औऱ फिर सो जाये । कुछ ही दिनों में समस्या खत्म हो जायेगी ।
मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।

3- यदि किसी को बुरे स्वप्न आते हों तो रात्रि में हाथ-पैर धोकर अपने बिस्तर पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके इस मन्त्र का 21 बार उच्चारण या जप करने से डरावने स्वप्न आने बंद हो जाएंगे ।
मंत्र
वाराणस्यां दक्षिणे तु कुक्कुटो नाम वै द्विज: ।
तस्य स्मरणमात्रेण दु:स्वप्न सुखदो भवेत् ।।

4- यजुर्वेद के इस मंत्र का 11 बार जप सोने से पहले लेटकर करें ।
मंत्र
‘ॐ विश्वानि देव सवितु: दुरितानि परा सुव यद् भद्रं तन्न आ सुव ।।

Published on:
10 Nov 2018 04:15 pm