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Alwar: 11 साल बाद 2015 जैसा सावन, सभी सोमवार की तारीखें समान, पर राखी एक दिन पहले

सावन का महीना शुरू हो चुका है। भक्त भगवान शि​व की आराधना में लीन है। उन्हें फलों के रस, जलाभिषेक से रिझाया जा रहा है। इस बार का सावन कई मायानों में खास हैं। 11 साल बाद सावन का कैलेंडर वर्ष 2015 जैसा बनने जा रहा है।
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अलवर

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Umesh Sharma

Aug 01, 2026

tripolia

अलवर के त्रिपोलेश्वर महादेव

सावन इस बार कई मायनों में खास रहने वाला है। 11 साल बाद सावन का कैलेंडर वर्ष 2015 जैसा बनने जा रहा है। 30 जुलाई से शुरू हुए सावन में सोमवार की तारीखें 2015 की तरह ही रहेंगी। इस बार सावन के सोमवार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ेंगे। हालांकि, 2015 में रक्षाबंधन 29 अगस्त को था, जबकि इस बार 28 अगस्त को ही राखी का पर्व मनाया जाएगा। यानी राखी एक दिन पहले रहेगी। इसी दिन सावन का समापन होगा। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। चारों सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

इसलिए बनता है ऐसा संयोग

ज्योतिषियों के अनुसार यह संयोग ग्रेगोरियन यानी अंग्रेजी कैलेंडर, हिंदू पंचांग और अधिक मास के गणित का परिणाम है। सामान्य वर्ष 365 दिन का होता है, लेकिन हर वर्ष तारीखों का वार एक दिन आगे बढ़ता है। वहीं, लीप वर्ष में 366 दिन होने के कारण वार दो दिन आगे खिसकते हैं। इस क्रम से कुछ वर्षों के अंतराल पर कैलेंडर का पैटर्न दोहराया जाता है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक 2015 और इस वर्ष सावन के चारों सोमवार का एक ही तारीख पर पड़ना इसी संयोग का परिणाम है।

इस वर्ष नहीं रहेगा भ्रदा का साया

श्रावण शुक्ल पूर्णिमा 28 अगस्त को दिन के 09:48 तक पूर्णिमा तिथि होने से इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार पूरे दिन मनाया जाएगा। पंडित तपेश अवस्थी ने बताया कि शास्त्र अनुसार रक्षाबंधन में भद्रा टाली जाती है जो इस वर्ष संपूर्ण दिन नहीं है। इसलिए बहनें दिनभर अपने भाईयो को राखी बांध सकती है। भद्रा 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगी।

सजा राखी बाजार, डाक विभाग ने जारी किए वाटरप्रूफ लिफाफे और बॉक्स

रक्षाबंधन पर्व के लिए शहर के बाजार सजने लगे हैं। दूर-दराज रहने वाले भाइयों के लिए बहनों ने राखियों की खरीद शुरू कर दी है। बाजार में रेशम के धागों, रुद्राक्ष, तुलसी के बीज और चंदन की खुशबू वाली पारंपरिक राखियों की सबसे अधिक मांग है। कुंदन वर्क, मेटल ब्रेसलेट और स्टाइलिश डिजाइन वाली राखियां भी पसंद की जा रही हैं। ब्रेसलेट राखियों को बाद में कंगन के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बच्चों के लिए स्पाइडरमैन, छोटा भीम, मोटू-पतलू जैसे कार्टून पात्रों वाली राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बारिश के मौसम को देखते हुए डाक विभाग ने राखियों और मिठाइयों को सुरक्षित भेजने के लिए वाटरप्रूफ लिफाफे और बॉक्स बिक्री के लिए जारी किए हैं। अट्टा मंदिर डाकघर के पोस्टमास्टर रतन सिंह मीणा ने बताया कि वाटरप्रूफ बॉक्स तीन आकार व तीन डिजायनों में हैं। इनकी कीमत 10, 15 और 30 रुपए निर्धारित की गई है। बॉक्स और लिफाफों पर आकर्षक राखी डिजाइन भी छपे हैं।