
इसलिए छठ पूजा में महिलाएं माथे पर लगाती हैं सिंदूर का लंबा टीका
चार दिनों तक चलने वाला छठ पूजा पर्व में किया जाने वाला व्रत दुनिया के सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है । स्त्रियां अपने सुहाग और बेटे की रक्षा करने के लिए भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर लगातार 36 घंटों तक का निर्जला व्रत रखती हैं । छठ पूजा में महिलाएं अपने माथे से लेकर मांग तक लंबा सिंदूर लगाए हुए देखा जरूर होगा । जाने आखिर इसके पीछे की खास वजह क्या है । इस साल 2018 में छठ पूजा पर्व 11 नवंबर से शुरू होकर 14 नवंबर 2018 तक चलेगा ।
छठ पूजा स्त्रियां बड़ी निष्ठा और तपस्या से व्रत इसलिए रखती हैं की उनके सुहाग की रक्षा सदैव भगवान सूर्य करें । सिंदूर और सुहाग का रिश्ते के बारे में तो सभी जानते है, कि विवाह के समय वर वधू की मांग में सिंदूर भरता है, और विवाह के बाद ही सौभाग्य के रूप में नियमित महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर भरती है । लेकिन छठ पूजा में भी महिलाओं को माथे से लेकर मांग तक लंबा सिंदूर लगाती हैं ।
सिंदूर लगाने का महत्व
एक मान्यता के अनुसार, जो स्त्री अपने मांग के सिंदूर को बालों में छिपा लेती है, उसका पति समाज में भी छिप जाता है, उसके पति को सम्मान नहीं मिलता, इसलिए यह कहा जाता है कि सिंदूर लंबा और ऐसा लगाया दजाए कि वह सभी को दिखे कि यह सिंदूर माथे से लगाना आरंभ करके और जितनी लंबी मांग हो उतना भरा जाना चाहिए । यदि स्त्री के बीच मांग में सिन्दूर भरा है और सिंदूर भी काफी लंबा लगाती है, तो उसके पति की आयु लंबी होती है । छठ का व्रत पति की लंबी आयु की कामना से रखा जाता है इसलिए सुहाग के प्रतीक सिंदूर को विशेष रूप से छठ पूजा में लंगा लगाया जाता हैं ।