Guru Pradosh Vrat Upay: त्रयोदशी यानी प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा को सबसे उत्तम माना गया है। इस समय भगवान शिव प्रसन्न चित्त होकर ब्रह्मांड की प्रसन्नता के लिए कैलाश पर नृत्य करते हैं और देवता उनकी स्तुति करते हैं। मान्यता है कि इसलिए ऐसे समय की गई पूजा से भगवान शिव अत्यधिक प्रसन्न होते हैं और भक्त पर अपनी कृपा करते हैं। आइये आपको बताते हैं कि इस दिन इनमें से सिर्फ एक उपाय आपकी किस्मत का ताला खोल सकता है।
गुरु प्रदोष व्रत के दिन किए जाने वाले उपाय (Guru Pradosh Vrat Upay): प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार भगवान शिव को प्रसन्न करने के कई उपाय हैं। इनमें से किसी एक उपाय से भी भगवान की कृपा पा सकते हैं।
शिवलिंग पर चढ़ाएं गुलाब का रसः ज्योतिषाचार्य वार्ष्णेय के अनुसार वैवाहिक जीवन में खुशहाली (happiness and prosperity ) के लिए गुरु प्रदोष के दिन शाम के समय गुलाब की फूल पत्तियों का रस शिवलिंग पर चढ़ाना चढ़ाना चाहिए। साथ ही इस रस को माता पार्वती के चरण में अर्पित करें। थोड़ा रस पति पत्नी अपनी आंखों पर भी लगाएं। मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन की समस्या खत्म हो जाती है।
चावल के उपाय से प्रसन्न होंगी माता लक्ष्मी
गुरु प्रदोष के दिन एक कटोरे चावल के दो भाग कर एक शिवजी को चढ़ा दें, दूसरा जरूरतमंदों को दान कर दें। पूजा के बाद भगवान शिव को चढ़ाए चावल को एक सफेद कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रख दें। इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होंगी और धन की कमी नहीं होगी।
पति-पत्नी चढ़ाएं 11 गुलाबः अगर पति-पत्नी में झगड़े हो रहे हैं, तो गुरु प्रदोष के दिन 11 गुलाब में चंदन का इत्र लगाएं। इसके बाद शाम के समय एक-एक कर इस गुलाब को पति-पत्नी भगवान को चढ़ाएं। इस दौरान ऊँ नमः शिवाय मंत्र से दांपत्य जीवन में प्यार (Love Life) बढ़ता है।
भगवान शिव, माता पार्वती को वस्त्रः प्रदोष काल में शिव परिवार का पूजन और भगवान शिव को सफेद, माता पार्वती को लाल रंग के कपड़े चढ़ाएं। इससे घर में सुख समृद्धि आती है।
ऐसे संतान का कल्याण
अगर आपकी संतान के जीवन में कोई संकट है या काम में कोई बाधा आ रही है तो गुरु प्रदोष के दिन बच्चों से मिठाई का दान कराएं। ऐसा करने से संतान के मार्ग की सारी बाधा दूर हो जाएगी।
Pradosh Vrat Muhurt: प्रयागराज के आचार्य प्रदीप पाण्डेय के अनुसार माघ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी की शुरुआत 19 जनवरी गुरुवार दोपहर 1.20 बजे से हो रही है, यह तिथि 20 जनवरी सुबह 10.02 बजे संपन्न हो रही है। प्रदोष व्रत की पूजा शाम को की जाती है, इसलिए यह व्रत 20 जनवरी को ही रखा जाएगा।
प्रदोष काल पूजा का समयः आचार्य के अनुसार प्रदोष काल पूजा का समय 19 जनवरी 2023 को शाम 5.49 से रात 8.30 बज तक कर सकते हैं।