धर्म-कर्म

हनुमान जी के इन उपायों से करें शनिदेव को प्रसन्न

न्याय देवता शनिदेव...
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Apr 11, 2020
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how to get blessings of shanidev through hanumanji

सनातन धर्म में कलयुग के देवताओं के रूप मे श्रीगणेश व श्रीराम भक्त हनुमान को माना जाता है। वहीं आदि पंच देवों में कलयुग के दृश्य देव सूर्यदेव माने जाते हैं। इन्हीं सूर्य देव के एक पुत्र जिन्हें न्याय का देवता भी कहा जाता है, शनिदेव हैं। वहीं दूसरी ओर श्रीहनुमान गुरु स्वयं सूर्यदेव बताए गए हैं।

ऐसे में शनिदेव के न्याय देवता होने के चलते कई लोगों पर इनके दंड का प्रभाव इन्हें क्रूर ग्रहों की श्रेणी में ले आता है। ऐसे में अधिकांश लोग शनि की दशा आने के बारे में सुनते ही तनाव में आ जाते हैं। भले ही यह भी माना जाता है कि शनि सदाचार वाले जातक को कभी परेशान नहीं करते तथापि थोड़ी सी भी गलती का विधान के अनुसार कड़ा दंड देते हैं।

ऐसे में लोग जाने अनजाने में हुई गलती के चलते शनि के दंड से डर कर दुख और भय से ग्रसित हो जाते हैं। वैसे तो माना जाता है कि शनि कभी भी बिना दंड दिए किसी को माफ नहीं करते, लेकिन यदि आपसे अनजाने में कोई गलती हुई है या किसी छोटी सी गलती का बड़ा दंड मिलने का डर है, तो माना जाता है कि शनि के इस तकलीफ के प्रभाव को हनुमानजी कम करते हैं।

इसके लिए शनिवार का दिन शनिदेव और हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए बहुत अच्छा दिन माना जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से दुख और भय से राहत मिलती हैं तो वहीं शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं।

शिव पुराण के अनुसार हनुमान जी को ग्यारवां रूद्र माना जाता है और शनिदेव भगवान शंकर के परम भक्त भी हैं। भगवान शंकर ने ही शनि देव को संसार का न्यायाधीष होने का कार्य दिया है, परंतु न्याय करते समय शनि देव व्यक्ति के कर्म अनुसार उससे अत्यधिक पीड़ित कर देते हैं।

हर किसी को अपने जीवन में किसी न किसी तरह बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं से आपको निजात भगवान हनुमान और शनि देव दिलाते है क्योंकि इनकी साधना अति सरल और सुगम है चूंकि हनुमानजी बाल ब्रह्मचारी हैं इसलिए इनकी साधनाओं में ब्रह्मचारी व्रत अवश्य लेना चाहिए।

शनिदोष का ऐसे निवारण करते हैं हनुमान जी...
जानकारों के अनुसार हिंदू-धर्म ग्रंथों के मुताबिक शनिदेव ने हनुमान जी को एक बार वचन देते हुए कहा था कि जो इंसान आपकी आराधना करेगा, उसकी मैं हमेशा रक्षा करुंगा। इसी वजह से हनुमान जी के भक्तों पर शनिदेव की भी कृपा बनी रहती हैं।

पं. शर्मा का कहना है कि मान्यता के अनुसार शनिदेव कभी भी हनुमानजी की पूजन करने वाले भक्तों का नुकसान नहीं करते हैं। ऐसे में हर शनिवार को श्री हनुमान जी की पूजा शनिदेव को भी प्रसन्न करती है। वहीं यदि आप मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो घर में ही श्री हनुमान का पूजन करें। सच्चे मन से आराधना करने पर श्री हनुमान जी जरुर प्रसन्न होते हैं और उनके भक्तों को हमेशा शुभ फल की प्राप्ति होती हैं।

हिंदू-धर्म ग्रंथों के अनुसार माना जाता है कि मंगलवार के दिन ही हनुमानजी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन विशेष उपाय करने से हनुमानजी शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं, वहीं हनुमान के प्रसन्न होते ही ऐसे जातक पर शनिदेव भी अपनी कृपा बरसाते हैं। वहीं भगवान हनुमान की पूजा करते समय इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि जब हम उनकी पूजा करें तो सच्चे मन और पूरा श्रृद्धा, पवित्रता के साथ करें।

हनुमान जी के उपाय : शनिदेव भी होते हैं प्रसन्न...
हनुमान जी को प्रसन्न करने का कोई भी उपाय शनिदेव को भी प्रसन्न करता है। हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपायों को आप शनिवार व मंगलवार दोनों दिन कर सकती है। इन दोनों दिनों में शनि और हनुमान देवताओं की भक्ति के विशेष दिन माने गए हैं। इस दिन यह उपाय करने से दोनों ही देवताओं की कृपा आप पर बनी रहेगी।

शनिवार और मंगलवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें नवग्रह मंदिर में शनि व श्रीहनुमान की जल स्नान व विशेष सामग्रियों से उनकी पूजा करें। यह क्रिया आप शाम को भी कर सकते है।

जब भी आप शनिदेन की पूजा करें तो इस बात का ध्यान रहें कि पूजा करते समय गंध, चावल, फूल, तेल, तिल, काले वस्त्र आदि चढ़ाए और हनुमान को सिंदूर, लाल चंदन, फूल, चावल व लाल वस्त्र चढ़ाएं।

: शनिवार के दिन शनिदेव को तिल से बनें हुए व्यंजन और हनुमान जी को गुड से बने व्यंजनों का भोग लगाएं। इससे वह जल्द प्रसनन् होते है। और उनकी कृपा हमेशा आप पर बनी रहेगी।

: शनिवार या मंगलवार के दिन शनिदेव और हनुमानजी के पूजा के बाद इस मंत्र से 108 बार जाप करें...

- हनुमान मंत्र :मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम। वातात्मजं वानरयूथ मुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।

शनि देव को शांत करने के लिए हनुमान जी की अराधना की जाती है वहीं कुछ अन्य छोटे-छोटे उपाय कर भी शनि के प्रकोप से मुक्ति पाई जा सकती है।

मान्यता:इन उपायों से भी मिलती है राहत...
: शनि की साढ़ेसती में हनुमान जी पर चमेली का तेल चढ़ाने से साढेसती में राहत मिलती है।
: 8 बरगद के पत्ते हनुमान जी पर काले धागे में पिरोकर चढ़ाने से शनि बाधा से मुक्ति मिलती है।
: हनुमान जी पर लौंग लगा पान का बीड़ा चढ़ाने से शनि द्वारा जनित दुर्भाग्य समाप्त होता है।
: हनुमान जी पर कागजी बादाम चढ़ाकर आधे बादाम काले कपड़े में बांधकर घर की दक्षिण दिशा में छुपा कर रखने से शनि का कोप शांत हो जाता है।

शनिवार : हनुमान के उपाय जो शनिदेव को करते है प्रसन्न...
: शनिवार के दिन सूर्योदय के समय स्नान करने के बाद 'श्री हनुमते नम:' का मंत्र जाप करें।
: शनिवार को सुबह के समय तांबे के लोटे में जल और सिंदूर मिश्रित कर श्री हनुमान जी को अर्पित करें। लगातार दस शनिवार ऐसा करें और श्री हनुमान जी को गुड़ का भोग जरुर लगाएं।
: हर शनिवार को श्री हनुमान जी के चालीसा का पाठ जरुर करें।
: 10 शनिवार तक श्री हनुमान जी के मंदिर में या घर में श्री हनुमान जी के चित्र पर केले का प्रसाद चढ़ाएं।
: चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर श्री हनुमान जी को अर्पित करने से श्री हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।


हनुमान जी और शनिदेव का शनिवार विशेष दिन...
धार्मिक मान्यता है कि शनिवार को हनुमानजी की पूजा करने से शनि की साढ़ेसाती से होने वाली समस्याओं से पूरी तरह से राहत मिलती हैं। राम भक्त बजरंगबली की शनिवार को पूजा से शनि के हर प्रकार के प्रकोप पर काबू हो जाता है। हनुमान जी की पूजा से सूर्य-मंगल के अवाला शनि की शत्रुता और योगों के कारण आई समस्याओं से भी राहत मिलती हैं।

शनिवार का दिन दोनों ही भगवान का प्रिय दिन माना जाता है। इस दिन शनिदेव और हनुमान जी की आराधना होती हैं। कई शनि मंदिरों में हनुमान जी भी शनिदेव के पास ही विराजमान होते हैं। दरअसल कई भक्त शनिदेव की पूजा के साथ हनुमान जी की भी पूजा करते हैं।

Updated on:
11 Apr 2020 05:59 pm
Published on:
11 Apr 2020 05:59 pm