
Jitiya vrat 2025 Date: हिंदू धर्म में व्रत-उपवास का विशेष महत्व माना गया है। इन्हीं में से एक है जितिया व्रत, जिसे हर साल अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेषकर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कई हिस्सों में बड़ी श्रद्धा और आस्था से किया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और तेजस्विता की कामना से उपवास रखती हैं।
धार्मिक मान्यता है कि जितिया व्रत रखने से पुत्र की उम्र लंबी होती है और वह ओजस्वी व तेजस्वी बनता है। इस अवसर पर महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं और पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करती हैं। इस दिन जीमूतवाहन की कथा का श्रवण-पाठ भी किया जाता है, जिसे अत्यंत शुभकारी माना गया है।
वैदिक पंचांग के अनुसार,
इस बार अष्टमी तिथि पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं।
मान्यता है कि इन योगों में भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूर्ण होती है।
जितिया व्रत के दिन शिववास योग पूरे दिन रहेगा और इसका समापन 15 सितंबर की रात 03:06 बजे होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस योग में व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण और शिवजी की पूजा करने से व्रती को धन, सुख और संतान की समृद्धि की प्राप्ति होती है।