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नवरात्रि का तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा में करें 108 बार मंत्र जाप,जानें विधि और भोग

Maa Chandraghanta Puja Vidhi: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन 13 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा की पूजा होगी। आचार्य धर्मेन्द्र शास्त्री से जानिए पूजा विधि, 108 बार जाप का मंत्र और भोग।
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Oct 13, 2026
maa chandraghanta puja vidhi
Maa Chandraghanta Puja Vidhi: मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, मंत्र और शुभ महत्व जानें (फोटो सोर्स- Magnific)

Maa Chandraghanta Puja Vidhi: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि मां के इस दिव्य स्वरूप की आराधना से भय और नकारात्मकता दूर होती है तथा साहस, आत्मविश्वास और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। सिंह पर सवार मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है। आचार्य धर्मेन्द्र शास्त्री से जानते है कि 13 अक्टूबर, मंगलवार को मां की पूजा के लिए कौन-सी विधि अपनाएं, किस मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है और माता को कौन-सा भोग अर्पित करें? जानिए पूजा विधि, ध्यान मंत्र और मां चंद्रघंटा की आराधना का धार्मिक महत्व।

क्यों कहा जाता है चंद्रघंटा?

माता के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचन्द्र सुशोभित है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। सिंह पर विराजमान मां का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी, शक्तिशाली एवं कल्याणकारी है।

पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र (लाल, पीले या सुनहरे रंग के) धारण करें। पूजा स्थल और मंदिर को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें।
  • चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। हाथ में अक्षत और फूल लेकर व्रत व पूजा का संकल्प लें।
  • माता को गंगाजल से स्नान कराएं। उन्हें सिंदूर, अक्षत (चावल), गंध, धूप और दीप अर्पित करें।
  • माता को सफेद कमल, लाल गुलाब या चमेली के फूल प्रिय हैं, इन्हें अर्पित करें।
  • माता चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाइयां, मखाने की खीर या शहद का भोग लगाएं।
  • पूजा के दौरान 'ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • अंत में घंटी बजाते हुए माता की आरती करें और दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

इन मंत्रो का करें उच्चारण

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥ - इस मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है।

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥ - माता का ध्यान मंत्र

पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की आराधना से भय, मानसिक अशांति एवं नकारात्मकता दूर होती है। भक्तों को साहस, आत्मविश्वास, सुख-शांति एवं आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। माता की उपासना से जीवन की बाधाओं का सामना करने की शक्ति एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। पूजा के समाप्त होने के बाद माता से यह विशेष प्राथना करें - हे माँ चन्द्रघण्टा! हमारे जीवन से भय, संकट एवं नकारात्मकता दूर कर परिवार में सुख, शांति, आरोग्य, समृद्धि एवं मंगल प्रदान करें। आपकी कृपा सभी भक्तों पर सदैव बनी रहे।

Published on:
13 Oct 2026 06:30 am