धर्म-कर्म

Rudraksh Remedies: क्रूर ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करता है रुद्राक्ष, जानें कैसे करें असली रुद्राक्ष की पहचान

हिंदू धर्म में रूद्राक्ष का संबंध भगवान शिव से बताया जाता है। इसे भारत के ऋषि-मुनि प्राचीनकाल से ही धारण करते रहे हैं, अब भी साधारण शिव भक्त से लेकर ज्योतिषी तक इसे धारण करते हैं। यह एक पेड़ का उत्पाद है और भगवान शिव के आंसू से पैदा हुआ है। इसे स्वर्ग और पृथ्वी के बीच का सेतु भी माना जाता है। मान्यता है कि यह धारण करने से क्रूर ग्रहों का दुष्प्रभाव कम हो जाता है। साथ ही उसमें सकारात्मकता आती है। लेकिन कमजोर दिल के व्यक्ति को इसे धारण नहीं करना चाहिए। हालांकि, आजकल रूद्राक्ष के नाम पर नकली रूद्राक्ष की बिक्री का गोरखधंधा भी सामने आता रहता है तो जानते हैं रुद्राक्ष के फायदे (rudraksha benifits) और असली रुद्राक्ष की पहचान (rudraksha ki pehchan) के कुछ तरीके।

2 min read
Mar 16, 2023
rudraksha ki pehchan

रुद्राक्ष के फायदेः रूद्राक्ष मुख्यतः वैज्ञानिक इलेइओकार्पस गैनीट्रस को ओरिजनल रूद्राक्ष मानते हैं। इंडोनेशिया, नेपाल और भारत में पाया जाता है। ऊर्जा से भरा हुआ शक्तिशाली आभूषण है, यह एक मुखी से 21 मुखी तक हो सकता है। इसे उद्देश्य और कुंडली के अनुसार ही धारण करना चाहिए वर्ना कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए रूद्राक्ष धारण करने से पहले किसी जानकार को कुंडली दिखाकर उसकी सलाह ले लेनी चाहिए और पहनने से पहले उसे अभिमंत्रित करा लेना चाहिए।

1. रुद्राक्ष धारण कर नियमों का पालन करने से व्यक्ति को पाप से मुक्ति मिल जाती है।
2. रुद्राक्ष क्रूर ग्रहों के दुष्प्रभावों को कम करता है।
3. रुद्राक्ष धारण करने से ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होती है।


4. तनाव और हाई ब्लडप्रेशर को कम करने में भी मददगार माना जाता है। त्वचा रोग को दूर करने में भी मददगार होता है.
5. खानाबदोश लोगों को स्थिरता पाने में मददगार बनता है।
6. यह पहनने से गुस्सा कम आता है।

रुद्राक्ष पहनने से पहले इसका रखें ध्यान


1. अपने परिश्रम की आमदनी से खरीदा हुआ रूद्राक्ष पहनें, वर्ना यह फायदा नहीं पहुंचाएगा।
2. रुद्राक्ष को गंदे हाथ से नहीं छूना चाहिए।
3. तेल से साफ कर पहनना चाहिए।


4. रूद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
5. रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को नियमित भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।

ऐसे पहचानें असली रुद्राक्ष


1. असली रुद्राक्ष में प्राकृतिक रूप से छेद होता है, यह तेल में डुबाने से रंग नहीं छोड़ता है।
2. असली रूद्राक्ष पानी में डूब जाता है और किसी नुकीली चीज से खुरचने पर रेशा निकलता है।


3. गर्म पानी में रुद्राक्ष को डालने पर अगर उसका रंग बदलता है तो वह नकली रूद्राक्ष है।
4. रुद्राक्ष के ऊपर उभरे हुए पठार एक समान हैं तो वह नकली है, क्योंकि असली रूद्राक्ष मे उभरे हुए पठारों की आकृति अलग-अलग होती है।

Updated on:
16 Mar 2023 02:42 pm
Published on:
16 Mar 2023 02:38 pm
Also Read
View All