
Shardiya Navratra : श्राद्ध पक्ष समाप्त होने को हैं और शारदीय नवरात्रि धीरे धीरे पास आ रही है। इस बार 11 अक्टूबर से नवरात्र शुरु होंगे। 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 अलग अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि इस बार पूरे 9 दिनों की ही होगी हालांकि कुछ तिथियों को लेकर भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है। 17 और 18 अक्टूबर यानि 2 दिनों तक सप्तमी रहेगी जबकि 19 अक्टूबर को दुर्गाष्टमी और महानवमी का पूजन होगा। माता दुर्गा व उनके स्वरूप अमोघ फलदायिनी माने जाते हैं। नवरात्रि में दुर्गा पूजा से विवाह संबंधी बाधाएं समाप्त हो जाती हैं, प्रेम व दांपत्य संबंधों मधुरता आती है। दुर्गा पूजन से दरिद्रता भी दूर होती है। विशेष रूप से नवरात्रि का तीसरा और चतुर्थ दिन धनदायक माना गया है। आर्थिक दिक्कत दूर करने के लिए नवरात्रि में मां दुर्गा के साथ ही लक्ष्मीपूजन भी करना चाहिए। कर्जमुक्ति के लिए भी ये दिन श्रेष्ठ माने गए हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि नवरात्रि में धन वृद्धि के लिए मां दुर्गा की पूजा के साथ विशेष उपाय कर सकते हैं। इस अवधि में लक्ष्मीजी की पूजा भी फलदायी होगी। नवरात्र में दौरान दुर्गा सप्तशती के साथ ही लक्ष्मीजी की प्रसन्नता के लिए श्रीसूक्त का पाठ करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि आर्थिक प्रगति के विशेष रूप से तीसरे दिन मां चंद्रघंटा और चौथे दिन मां कुष्मांडा की श्रद्धापूर्वक पूजा करें। घर में केसर की खीर बनाकर मां चंद्रघंटा को भोग लगाएं। इसी प्रकार मां कुष्मांडा को पीली मिठाई का भोग अर्पित करें।
कर्ज हो तो नवरात्रि के दौरान मां लक्ष्मी और मां दुर्गा को नारियल का भोग लगाएं। उनसे कर्ज मुक्ति की प्रार्थना करें। अष्टमी या नवमी के दिन श्रद्धापूर्वक कन्या पूजन कर उन्हें भोजन कराएं। इससे अटका धन भी मिल सकता है।
नवरात्रि का छटवां दिन मां कात्यायनी को समर्पित है। उन्हेें विज्ञान-शोध की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। धर्माचार्य और ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि विज्ञान में उपलब्धि हासिल करने के लिए कात्यायनी मां की उपासना का सर्वाधिक महत्व है। वे अपने सच्चे उपासक को उच्च कोटि का वैज्ञानिक या रिसर्चर बना देती हैं।