धर्म-कर्म

Hanuman Jayanti: हनुमानजी के इन मंत्रों के जाप से मिलती है शक्ति और साहस, बजरंगबली हर संकट करते हैं दूर

Hanuman Jayanti: भगवान हनुमान, भगवान शिव के अवतार, भगवान राम के अनन्य भक्त और पूजे जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक हैं। इनको कलियुग के जाग्रत देवता और चिरंजीवी हैं। मान्यता है कि हनुमानजी प्रसन्न होते हैं तो हर संकट दूर कर देते हैं, शक्ति, साहस, धन समृद्धि और सफलता का वरदान देते हैं और हनुमान जयंती इनको प्रसन्न करने का सबसे अच्छा दिन है। लेकिन आप क्या जानते हैं हनुमानजी के मंत्र, जिससे वो वरदान देते हैं।

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May 26, 2024
तेलुगु हनुमान जयंती 2024

कब है हनुमान जयंती

भगवान हनुमान को आजीवन ब्रह्मचारी माना जाता है। उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने और भगवान राम की अनन्य भक्ति करने का प्रण लिया था। अभी उत्तर भारत में कुछ दिनों पहले ही हनुमान जयंती मनाई गई है, अब आंध्र प्रदेश में हनुमान जयंती मनाई जाने वाली है। बता दें कि उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा पर हनुमान जी का जन्मदिन मनाया जाता है। लेकिन दक्षिण भारत में कैलेंडर में अंतर और अलग मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ महीने की दशमी को तेलुगु हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस साल यह 1 जून शनिवार को पड़ रही है। इसी दिन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में चैत्र पूर्णिमा से शुरू हुई 41 दिवसीय दीक्षा का समापन होता है तो आइये जानते हैं कि तेलुगु हनुमान जयंती कब है ?

तेलुगु हनुमान जयंती की तारीख यहां जानें

तेलुगु हनुमान जयंतीः शनिवार 1 जून 2024
दीक्षा प्रारंभः मंगलवार 23 अप्रैल 2024
उत्तर भारत में हनुमान जयंतीः मंगलवार 23 अप्रैल 2024
तमिल हनुमान जयंतीः सोमवार 30 दिसंबर 2024
कन्नड़ हनुमान जयंतीः शुक्रवार 13 दिसंबर 2024
दशमी तिथि प्रारंभः 01 जून 2024 को सुबह 07:24 बजे (दक्षिण भारतीय कैलेंडर के अनुसार वैशाख दशमी)
दशमी तिथि समाप्तः 02 जून 2024 को सुबह 05:04 बजे

हनुमान जयंती पर क्या करें

मान्यता के अनुसार हनुमान जी का जन्म सूर्योदय के समय हुआ था। इस दिन हनुमान जयंती के दिन मंदिरों में सुबह ब्रह्ममुहूर्त में आध्यात्मिक प्रवचन में शामिल होते हैं।

श्री हनुमान मंत्र

  1. हनुमान मूल मंत्रॐ श्री हनुमते नमः॥
  2. हनुमान गायत्री मंत्रॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
  3. मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् मंत्रमनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्।वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥

(नोट-इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं, www.patrika.com इसका दावा नहीं करता। इसको अपनाने से पहले और विस्तृत जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।)

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