
Dholpur, राजाखेड़ा उप डाकघर के संचालन समय को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिसे यहां के तैनात अधिकारी मनचाहे समय पर खोल लेते हैं और मनचाहे समय पर बंद कर देते हैं। जिससे आम नागरिक अपने कामों से जब यहां पहुंचते हैं तो लटकता ताला उन्हें मुंह चिढ़ाता प्रतीत होता है, लेकिन तैनात कार्मिकों को नागरिकों की समस्याओं से कोई सरोकार प्रतीत नहीं होता है।
मंगलवार को स्थानीय नागरिक राजेश रावत साढ़े चार बजे डाकघर के काम से जब वहां पहुंचा तो उसे ताला लगा मिला। उसी समय कुश राठौर भी पहुंचा और कई अन्य लोग इकट्ठा हो गए और गूगल मैप कैमरा से फोटो लेकर पत्रिका को उपलब्ध कराए। उन्होंने आरोप लगाया कि डाकघर मानमाने समय पर खुलता है और निर्धारित समय से पहले ही बंद कर दिया जाता है, जिससे आमजन को आवश्यक कार्य कराए बिना लौटना पड़ रहा है। उन्होंने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर नियमित समय पर कार्यालय संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की।
राजेश रावत ने बताया कि वह बुधवार शाम करीब 4:30 बजे पोस्टल ऑर्डर लेने के लिए उप डाकघर पहुंचे, लेकिन उस समय कार्यालय बंद मिला। उनका कहना है कि कार्यालय 4 बजकर 35 मिनट पर पूरी तरह बंद था, जिसका फोटो उन्होंने गूगल कैमरा के माध्यम से लिया है। उनके अनुसार यह तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि कार्यालय निर्धारित समय से पहले बंद कर दिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है। इससे पूर्व वह रजिस्ट्री कराने के लिए डाकघर पहुंचे थे, लेकिन उस दिन भी सुबह करीब 10:30 बजे तक कार्यालय नहीं खुला था। उनका कहना है कि यदि कभी कार्यालय देर से खुले और कभी समय से पहले बंद हो जाए तो आम लोगों के जरूरी काम प्रभावित होना स्वाभाविक है। दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनका समय और धन दोनों व्यर्थ होता है।
प्रत्येक कार्य का डिजिटल रेकॉर्ड
उप डाकपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि डाकघर की सभी सेवाएं ऑनलाइन प्रणाली से संचालित होती हैं और प्रत्येक कार्य का डिजिटल रेकॉर्ड उपलब्ध रहता है। उन्होंने कहा कि पोस्टल ऑर्डर सहित विभिन्न सेवाओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया और समय होता है तथा उसी के अनुसार कार्य किया जाता है। इधर राजेश रावत का कहना है कि यदि साढे चार बजे के बाद कोई कार्य होता ही नहीं तो फिर डाकघर का समय ही बदल देना चाहिए। उन्होंने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा भविष्य में कार्यालय का संचालन निर्धारित समयानुसार सुनिश्चित करने की मांग की है।
- मंगलवार को कार्यालय सुबह लगभग 7:30 बजे खोल दिया गया था, इसलिए कार्य पूर्ण होने के बाद शाम करीब 4:30 बजे कार्यालय बंद किया गया। उन्होंने कहा कि जिस दिन कार्यालय 10:30 बजे खुला था, उस दिन विशेष कारणों से विलंब हुआ था, जबकि सामान्य दिनों में कार्यालय नियत समय पर संचालित होता है।
- अशोक कुशवाह, उप डाकपाल