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Dholpur: कोर्ट परिसर के बाहर चले लाठी-डंडे, मची भगदड़

बाड़ी कोर्ट परिसर के बाहर सोमवार दोपहर कुछ लोगो में झगड़ा हो गया। इस दौरान लाठियां और जमकर पत्थरबाजी की गई। जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।
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झगड़े के बाद बाड़ी कोर्ट के सामने लगी भीड़

Dholpur, बाड़ी कोर्ट परिसर के बाहर सोमवार दोपहर कुछ लोगो में झगड़ा हो गया। इस दौरान लाठियां और जमकर पत्थरबाजी की गई। जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। भागते हुए लोगों की चपेट में मंदिर से पूजा कर लौट रहीं श्रद्धालु महिलाएं भी आ गईं जो चोटिल हो गई। पूरा मामला गांव सुखसिंह का पुरा के जमीन विवाद से जुड़ा हुआ बताया गया जो कोर्ट में तारीख पर आए थे। इस दौरान घात लगाकर बैठे एक पक्ष के लोगो ने दूसरे पक्ष पर हमला बोल दिया।

करीब 5 मिनट चले इस घटनाक्रम की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से कुछ लोगों को पकड़ कर थाने लेकर गई। सोने का गुर्जा थाना क्षेत्र के सुखसिंह का पुरा गांव निवासी रामगणेश पुत्र लाजपत गुर्जर ने बताया कि वह अपने परिवार के हरवीर पुत्र हल्लो गुर्जर और उसके छोटे भाई सतबीर के साथ बाइक से बाड़ी तारीख पर आया था। इस दौरान गांव के निहाल सिंह, औतार, बलदेव, बनवारी, कृष्ण पुत्र निहाल के साथ एक दर्जन के करीब लोगों ने उन पर कोर्ट के बाहर पीपल के पेड़ के पास घेर लिया और लाठी डंडों, सरियों से हमला कर दिया। हमले से बचने के लिए वह इधर-उधर भागे, उनकी बाइक को भी हमलावरों ने क्षतिग्रस्त किया है।

झगड़े में हरवीर और रामगणेश घायल हुए हैं। रामगणेश ने बताया कि उनका गांव के इन लोगों से जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा है। जिसमें तारीख पेशी थी। और इस तारीख पर ही वह आए थे। उनको नहीं पता था कि हमलावर इस प्रकार हमला करेंगे। फिलहाल घटना को लेकर पुलिस को रिपोर्ट दी है।

पुलिस थाने पर नफरी का अभाव

शहर के कोतवाली थाने पर घटनाक्रम के दौरान नफरी दिखाई दी। झगड़े की सूचना मिलते ही थानाधिकारी महेंद्र शर्मा और एएसआई नीरज शर्मा एक दो कांस्टेबलों के साथ मौके पर आए और लोगों के बताए गए रास्तों पर आरोपियों को पकडऩे के लिए भागे, लेकिन तब तक दूसरे पक्ष के लोग गायब हो गए। एक पक्ष के लोगों को लेकर पुलिस थाने गई।

थाने में लगे शहर के सभी कैमरे खराब

थाना परिसर में शहर की निगरानी के लिए लगाए कैमरे खराब पड़े हैं, ऐसे में कैमरे चालू नहीं होने के चलते न तो पुलिस को तुरंत पता लगा न ही वारदात कैमरों में कैद हो सकी, जिससे अपराधियों का सुराग लगाया जा सकता था। यह कैमरे कई महीनो से खराब पड़े हैं जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।