
महापंचायत को संबोधित करते बसेड़ी विधायक संजय जाटव
सरमथुरा. जिले में धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के कारण लाल पत्थर की खदानों पर वनविभाग का शिकंजा कसने के बाद सर्वसमाज की महापंचायत महाकाल मंदिर पर आयोजित हुई। महापंचायत में जंगल, जमीन व रोजगार को लेकर मंथन किया गया। पंच पटेलों ने जंगल, जमीन व रोजगार बचाने के लिए पांच मांगों को लेकर तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय किया गया। तहसीलदार ने पांच दिन में समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया।
महापंचायत में बसेड़ी विधायक संजय जाटव, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी सियाराम मीणा, अमरसिंह, शेरा गुर्जर, डॉ.रामस्वरूप मीणा, गैंगसा स्टोन अध्यक्ष योगेश शर्मा, चन्द्रशेखर मौर्य, संजय अग्रवाल समेत लोगों ने धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंका। वक्ताओं ने सरमथुरा क्षेत्र में एक साल से पत्थर खनन बंद होने पर नाराजगी जाहिर की।
बसेड़ी विधायक ने सार्वजनिक मंच से जिले के वन अधिकारियों पर वन और राजस्व भूमि का सीमांकन नहीं कराने का आरोप लगाया। विधायक ने उपवन संरक्षक धौलपुर (सामाजिक वानिकी) व एसीएफ धौलपुर पर वनभूमि का रेकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वनविभाग के रेकॉर्ड में पांच वनखण्डों में से सिर्फ एक बथुआखोह व बथुआखोंह ‘ए’ वनखंड का नोटिफिकेशन इन्द्राज है। विधायक ने आरोप लगाया कि वन अधिकारियों की ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तैनी जमीनों पर कब्जा कर छीनने की मंशा है।
पीएम आवास योजना भी नहीं रोक सकी पलायन
सरमथुरा व बसेड़ी क्षेत्र में लाल पत्थर की खदानें बंद होने से रोजगार का अभाव बना हुआ हैए जिले में करीब 170 गैंगसा मशीन लगी हुई हैं। इन इकाइयों सहित पत्थर की खदानों में 20 हजार से अधिक श्रमिक कार्य करते हैं। लाल पत्थर की खदानें बंद होने के कारण लगभग 70 पत्थर इकाइयां बंद पड़ी है। गैंगसा यूनिट बंद होने के कारण सरमथुरा, बाड़ी व बसेड़ी क्षेत्र से करीब सात हजार लोग पलायन कर चुके हैं। हालांकि सरकार की वीवी जीरामजी, खाद्य सुरक्षा योजना व प्रधानमंत्री आवास योजना भी लोगों का पलायन भी नहीं रोक सकी है। इससे सिर्फ गैंगसा उद्यमियों पर ही असर नहीं पड़ रहा है बल्कि चाय की थड़ी, किराना, सब्जी की दुकानों सहित ट्रांसपोर्टर आदि प्रभावित है। हालांकि टर्नओवर की बात करें तो आधे से भी कम रह गया है।
महापंचायत में फर्जी पट्टों का मुद्दा छाया
महाकाल मंदिर पर पंचायत में रोजगार से संबंधित चर्चा के बीच कथित फर्जी पट्टों का मुद्दा भी छाया रहा। खरौली सरपंच प्रतिनिधि रवि मीणा ने बसेड़ी विधायक पर खनन कार्य बंद कराने का आरोप लगाया। विधायक ने मंच से सरपंच प्रतिनिधि पर तत्कालीन डीएम से सांठगांठ कर आबादी की भूमि पर फर्जी पट्टे काटने का आरोप लगाया। हालांकि जांच में दोषी पाए जाने पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद धौलपुर की ओर से 18 जुलाई 2025 को विकास अधिकारी पंचायत समिति सरमथुरा को पत्र लिखकर ग्राम बड़ागांव में सरकारी जमीन के फर्जी पट्टे बनाकर बेचने पर सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए गए। दरअसल, एक साल गुजरने के बाद भी आरोपी सरपंच व ग्राविअ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, प्रशासन ने की वीडियोग्राफी
महाकाल मंदिर पर महापंचायत को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। झगड़े की संभावना को देखते हुए सरमथुरा के अलावा आंगई व नादनपुर पुलिस थाना से अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया। वहीं एसडीएम अल्का श्रीवास्तव व डीएसपी दुलीचंद गुर्जर निगरानी रखे हुए थे। हालांकि प्रशासन द्वारा पूरी पंचायत की वीडियोग्राफी कराई गई है।
Updated on:
02 Aug 2026 07:38 pm
Published on:
02 Aug 2026 07:38 pm
