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Dholpur: यह कैसी व्यवस्था! 9 माह बाद भी शिक्षकों का स्थायीकरण नहीं

अध्यापक सीधी भर्ती 2022-23 में चयनित शिक्षकों ने पिछले 9 माह पूर्व 2 वर्ष का परिवीक्षा काल पूर्ण करने के बाबजूद शिक्षा विभाग ने अब तक स्थाईकरण आदेश जारी नहीं किए हैं। वहीं विभिन्न स्कूलों में कार्यरत दिव्यांग शिक्षक अपने पे फिक्सेशन व स्थायीकरण के लिए डीईओ कार्यालय से लेकर जिला परिषद तक दर-दर भटकने को मजबूर हैं
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Dholpur news

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय

धौलपुर.शिक्षा विभाग व जिला परिषद के बीच तालमेल नहीं होने का खामियाजा जिले के 100 से अधिक शिक्षकों को झेलना पड़ रहा है। अध्यापक सीधी भर्ती 2022-23 में चयनित शिक्षकों ने पिछले 9 माह पूर्व 2 वर्ष का परिवीक्षा काल पूर्ण करने के बाबजूद शिक्षा विभाग ने अब तक स्थाईकरण आदेश जारी नहीं किए हैं। वहीं जिले के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत दिव्यांग शिक्षक अपने पे फिक्सेशन व स्थायीकरण के लिए डीईओ कार्यालय से लेकर जिला परिषद तक दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदारों का इस तरफ ध्यान नहीं है।

दिव्यांग कोटे से नियुक्त शिक्षक जीतराम, पंकज कुमार, धीरज परमार, संजीव कुमार आदि ने ‘ राजस्थान पत्रिका’ को बताया कि उनका परिवीक्षा काल पिछले साल अक्टूबर में पूरा हो चुका है। शिक्षा निदेशालय की ओर से दिव्यांग प्रमाण पत्रों की संभाग मुख्यालय पर पुन: जांच में जनवरी में पूर्ण हो चुकी है। बावजूद डीईओ (प्रा.) की ओर से अभी तक न तो नियमित वेतन शृंखला के तहत वेतन नियमितीकरण किया जा रहा है और ना ही स्थायीकरण आदेश हुए। ऐसे में प्रोविजन पूरा करने के 9 महीने बाद भी शिक्षकों को 23,700 फिक्स मानदेय दिया जा रहा है। महंगाई के इस दौर में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश के अन्य जिलों में दिव्यांग शिक्षकों के स्थायीकरण काफी पहले किया जा चुके हैं, लेकिन धौलपुर में जिम्मेदार अधिकारी ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक उत्पीडऩ का शिकार होना पड़ रहा है।

20 दिन बाद भी नहीं हुए हस्ताक्षर

जिले के ऐसे तमाम शिक्षक हैं, जिन्होंने 2 वर्ष का परिवीक्षा काल संतोषजनक ढंग से पूर्ण करने के बावजूद स्थापन समिति की बैठक में अनुमोदन नहीं होने से पिछले कई महीनों से स्थाईकरण आदेश अटके हुए हैं। शिक्षकों का कहना है कि बीते 6 महानों से स्थायीकरण प्रस्तावों का अनुमोदन का इंतजार है। दो बार स्थगित होने के बाद पिछले माह 16 जुलाई को स्थापना समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों के अलावा 45 के करीब शिक्षकों के स्थायीकरण प्रस्तावों का अनुमोदन होना था। सूत्रों ने बताया कि जिला परिषद में कार्यरत डीलिंग बाबू ने स्थापना समिति की प्रोसिडिंग पर एडीएम के पास साइन करने फाइल 20 दिन तक नहीं भेज रखी है।

दिव्यांग व सामान्य शिक्षकों के पे फिक्सेशन व स्थायीकरण आदेश लंबे समय से जारी नहीं किए जाने से शिक्षकों को नियमित वेतन शृंखला तहत पूरा वेतन नहीं मिल रहा है। इस संबंध में सीईओ को ज्ञापन देकर शिक्षकों के स्थायीकरण आदेश जारी करने की मांग की है।

राजेश शर्मा, पूर्व प्रांतीय महामंत्री पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ