
धौलपुर. चार साल पहले प्रांरभ हुआ जिले भर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है। हालांकि अभी शहर भर में 25 हजार 450 स्मार्ट मीटरों में से लगभग 25 हजार मीटर लगाए जा चुके हैं और अब केवल 450 स्मार्ट मीटर लगाए जाने शेष हैं। यानी शहर में 98 प्रतिशत घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन घर-घर स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी शहर में बिजली चोरी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध नहीं लग सका है जिसके विद्युत निगम योजना प्रारंभ होने के समय दावे कर रहा था। धौलपुर शहर के अलावा राजाखेड़ा और बाड़ी में भी लगभग 800 स्मार्ट मीटर अभी भी लगाए जाने हैं।
जिला सहित प्रदेश भर में बिजली चोरी की रोकथाम को विद्युत निगम 2022 में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर काम प्रारंभ किया था। जिसका उद्देश्य बिजली तंत्र को हाइटेक बनाने के साथ बिजली चोरी रोकने, उपभोक्ताओं को रियल टाइम बिजली उपभोग और बिलों की लंबी कतार से मुक्ति दिलाना था। हालांकि स्मार्ट मीटर योजना से बिजली तंत्र में कुछ सुधार तो देखने को मिला है और बिजली चोरी का आंकड़ा 22 से 23 प्रतिशत पर आ गया है, लेकिन अभी भी निगम जो दावा कर रहा था उससे कोसों दूर है। योजना के तहत धौलपुर शहर में लगभग 25 हजार 450 मीटर लगने थे, जिनमें से लगभग 25 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी 450 मीटर लगने शेष हैं। बताया जा रहा है कि तत्कालीन कंपनी की समयावधि खत्म होने के कारण 2025 में नई कंपनी से कॉन्ट्रेक्ट करने के बाद जो नवीन कनेक्शन रह गए थे वहा यह स्मार्ट मीटर लगने शेष रह गए थे। जानकारी के अनुसार योजना के प्रारंभ होने के बाद धौलपुर डिस्कॉम ने स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य दो फेज के दौरान प्रारंभ किया था। पहले फेज में शहरी क्षेत्र तो वहीं दूसरे फेज में ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे।
शहर में 20 हजार घरेलू कनेक्शन
पहले फेज में धौलपुर शहर में अभी तक 25000 स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। शहर में कनेक्शनों की बात की जाए तो घरेलू कनेक्शन की संख्या लगभग 20 हजार के आसपास, व्यवसायिक 3165, उद्योग कनेक्शन 520 तो वहीं इसके अलावा शासकीय विभागों में भी सैकड़ों विद्युत कनेक्शन हैं। जिनमें स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा शहर में अभी भी 450 कनेक्शन ऐसे हैं जहां स्मार्ट मीटर नहीं लग सके हैं। इन 450 में से भी कुछ कनेक्शन ऐसे भी हैं जहां तकनीकी कारणों से स्मार्ट मीटर नहीं लग सकते हैं। शेष बचे कनेक्शनों में कंपने ने स्मार्ट मीटर लगाने का काम प्रारंभ कर दिया है जिसके जल्द ही पूर्ण होने के आसार हैं। इसके अलावा बाड़ी ब्लॉम में जहां 8000 स्मार्ट मीटर डिस्कॉम को लगाना था तो वहीं राजाखेड़ा ब्लॉक में भी 3190 के आासपास कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगने थे। जानकारी के अनुसार इन दोनों जगह भी अभी तक स्मार्ट मीटर लगने का कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
ट्रिपिंग और फॉल्ट के मामले बदस्तूर जारी
स्मार्ट मीटर लगाने से पहले विद्युत निगम ने बिजली तंत्र में बेहतर सुधार की बात करते बिजली चोरी पर अंकुश, ट्रिपिंग तथा उपभोक्ताओं को बिलिंग को लेकर कोई भी परेशानी नहीं आने की बात कही थी, लेकिन शहर में लगभग 26 हजार उपभोक्ताओं में से 98 प्रतिशत घरों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी शहर में बिजली चोरी, ट्रिपिंग और कटौती जारी है। शहर में जब स्मार्ट मीटर लगाने की योजना लागू की थी तब, दावे किए थे कि चोरी रोकने में मदद मिलेगी, हालांकि बीते सालों में शहर में बिजली चोरी के आंकड़ों में गिरावट जरूर आई है, लेकिन अभी भी बिजली चोरी का आंकड़ा 24 प्रतिशत है, जो कि बहुत बड़ा है। तो वहीं गर्मियों के दिनों आए दिन होने वाली ट्रिपिंग और फॉल्ट के हालात बदस्तूर जारी हैं। हाल के दिनों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई घंटे तक बिजली गुल रही है। मगलवार सुबह ऐसा ही मामला देखने को मिला है। शहर के बड़ी रोड स्थित 220 केवी जीएसएस में एक बार फिर आग लगने से हडक़ंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विद्युत तारों में स्पार्किंग होने से आग लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। जिससे केबलों का भारी नुकसान पहुंचा है। 220 केवी जीएसएस में गत माह भी ट्रिपिंग के चलते भीषण आग लग गई थी, तब भी विद्युत उपकरणों का भारी नुकसान हुआ था।
जिला सहित शहर में बिजली छीजत का स्तर काफी कम हुआ है। एक समय जहां छीजत 35 से 40 प्रतिशत थी आज 22 से 23 प्रतिशत ही रह गई है। शहर में शेष स्मार्ट मीटरों को लगाने का कार्य जारी है।
-विवेक शर्मा, एसई धौलपुर डिस्कॉम