धौलपुर

धौलपुर का भू-राजस्व अभिलेख होगा ऑन लाइन

धौलपुर का भू-राजस्व अभिलेख होगा ऑन लाइन धौलपुर. जिले की सभी तहसीलों का भू-राजस्व अभिलेख इस माह के अंत तक ऑन लाइन हो जाने से जहां किसान अपनी कृषि भूमि के दस्तावेज घर बैठे देख सकेंगे वहीं बैंकों में रुके पड़े फसली ऋण सहित अन्य ऋणों का वितरण भी शुरू हो जाएगा। भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तहत डिजिटल इण्डिया लैण्ड रिकार्ड मॉडर्नाईजेशन प्रोग्राम क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके तहत जिले की सभी तहसीलों का भू-राजस्व अभिलेख ऑन लाइन किए जाने की कार्यवाही युद्ध स्तर पर चल रही है। जिला कलक्टर राकेश कुम

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Nov 02, 2019
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धौलपुर का भू-राजस्व अभिलेख होगा ऑन लाइन
धौलपुर. जिले की सभी तहसीलों का भू-राजस्व अभिलेख इस माह के अंत तक ऑन लाइन हो जाने से जहां किसान अपनी कृषि भूमि के दस्तावेज घर बैठे देख सकेंगे वहीं बैंकों में रुके पड़े फसली ऋण सहित अन्य ऋणों का वितरण भी शुरू हो जाएगा। भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तहत डिजिटल इण्डिया लैण्ड रिकार्ड मॉडर्नाईजेशन प्रोग्राम क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके तहत जिले की सभी तहसीलों का भू-राजस्व अभिलेख ऑन लाइन किए जाने की कार्यवाही युद्ध स्तर पर चल रही है। जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने इसमें विशेष रुचि दिखाते हुए अनेक पटवारियों व गिर्दावरों को इस कार्य के लिए तैनात किया हुआ है। भू-राजस्व अभिलेख को ऑन लाइन किए जाने का कार्य प्रगति पर होने के कारण जहां कृषि भूमि का क्रय-विक्रय नहीं हो पा रहा था वहीं किसानों को बैंकों से फसली ऋण सहित अन्य प्रकार के ऋण नहीं मिल पा रहे थे। इसके चलते कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त ठप होने से सरकार को पंजीयन से होने वाली आय का भी नुकसान हो रहा था। किसानों को कृषि भूमि की जमाबंदी, नक्शा अक्ष, खसरा गिरदावरी की नकलें नहीं मिल पा रही थी।
सिक्स-वन नहीं होने से बैंकें नहीं दे रही थीं ऋण
इनके अलावा बैंकों से ऋण प्राप्त करने के लिए राजस्व अधिकारी बैंकों के हक में सिक्स-वन की कार्यवाही भी नहीं कर पा रहे थे। इससे बैंकों से केसीसी बनवाने सहित ऋण संबंधी अन्य कार्य भी ठप से पड़े थे। लेकिन भू-राजस्व अभिलेख के ऑन लाइन होने की दिशा में बढ़ रहे जिले की बसेड़ी व सरमथुरा तहसीलों को कुछ समय पूर्व ऑन लाइन किया जा चुका है और शेष तहसीलों को इस माह के अंत तक ऑन लाइन कर दिया जाएगा। जिला कलक्टर ने बताया कि शुक्रवार को जिले की तीसरी तहसील सैपऊ को ऑनलाईन किए जाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाया गया है। उन्होंने बताया कि दो से तीन सप्ताह में धौलपुर सहित जिले की शेष तहसीलों को भी ऑन लाइन कर दिया जाएगा। इस कार्य को प्राथमिकता से शीघ्र पूरा कराए जाने के लिए जिला कलक्टर ने संबंधित कार्मिकों का विशेष दल भी नियुक्त किया हुआ है। जिला कलक्टर ने इस कार्य में पिछड़ रहे कुछ पटवारियों व अन्य कार्मिकों को कलक्ट्रेट में बुला कर उनकी समस्याओं को सुना और उनका निराकरण करा राजस्व रिकॉर्ड को ऑन लाइन कराने की प्रक्रिया को गति प्रदान की है।
काश्तकार घर पर ही कंप्यूटर पर देख सकेंगे अपना खाता
उन्होंने बताया कि भू-राजस्व अभिलेख ऑन लाइन होने से प्रत्येक काश्तकार ऑनलाईन ही जमाबंदी एवं नक्शा अक्ष की प्रति ई-मित्र अथवा एलआरसी के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगें। काश्तकार चाहे तो अब घर पर ही कम्प्यूटर के माध्यम से जमाबंदी, नक्शा अक्ष आदि राजस्व रिकार्ड देख सकेगें। इन तहसीलों में अब नामान्तरकरण केवल कम्प्यूटर के माध्यम से ही दर्ज किए जाएंगे। नामांतरकरण को दाखिला खारिज भी बोलते हैं। इसकी प्रति संबंधित पटवारी, गिरदावर व तहसीलदार द्वारा प्रमाणित कर ऑनलाईन अपलोड की जाएगी। ऑन लाइन दस्तावेजों का इन्द्राज होते ही संबंधित काश्तकार की वर्तमान स्थिति उसके राजस्व खाते में प्रदर्शित होगी। इसके साथ ही जमाबंदी में प्रत्येक काश्तकार का अलग-अलग इन्द्राज दिखाई देखा। इससे कृषक अपने खाते की स्थिति को सरलतापूर्वक देख सकेगा।

Published on:
02 Nov 2019 12:13 pm
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