धौलपुर

खनन में माफियाराज] बजरी के आगे ‘वेबस व्यवस्था

धौलपुर. कहने को बजरी के अवैध परिवहन रोकने को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में रास्तों का चिन्हित करण, रास्ते रोकने-खुदवाना, अस्थाई चौकियां स्थापित करने, जगह-जगह नाकेबंदियों लगाना, शहर के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह सभी व्यवस्थाएं बजरी माफियाओं के दम तोड़ती नजर आ रही है। आंकडों पर नजर डाले तो तमाम दावों के बीच प्रदेश में बीते दो साल में 175 वाहनों को जब्त करते हुए 439 जनों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। कार्रवाईयों के बाद भी बजरी का अवैध व्यापार थमने का नाम तक नही

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Mar 17, 2021
खनन में माफियाराज] बजरी के आगे 'वेबस व्यवस्था

खनन में माफियाराज] बजरी के आगे 'वेबस व्यवस्था
- प्रदेश में संयुक्त टॉस्क फोर्स के सभी प्रयास हो गए फेल
-छोटे-छोटे कामों की फोटोग्राफी बनाकर हर विभाग बना रहे अपने-अपने रिकॉर्ड
-बजरी के अवैध परिवहन को नए-नए पैतरे अपना रहे माफिया
-पुलिस और प्रशासन के तमाम दावों के बाद कम नहीं हो रही वाहनों जब्तीकरण और माफियाओं की गिरफ्तारी का सिलसिला
धौलपुर. कहने को बजरी के अवैध परिवहन रोकने को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में रास्तों का चिन्हित करण, रास्ते रोकने-खुदवाना, अस्थाई चौकियां स्थापित करने, जगह-जगह नाकेबंदियों लगाना, शहर के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह सभी व्यवस्थाएं बजरी माफियाओं के दम तोड़ती नजर आ रही है। आंकडों पर नजर डाले तो तमाम दावों के बीच प्रदेश में बीते दो साल में 175 वाहनों को जब्त करते हुए 439 जनों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। कार्रवाईयों के बाद भी बजरी का अवैध व्यापार थमने का नाम तक नहीं ले रहा है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस और प्रशासन के विभागों की संयुक्त टॉस्क फोर्स को बजरी परिवहन रोकने के लिए जिम्मेदारी दी गई है। इस जिम्मेदारी के तहत प्रत्येक विभाग अपने-अपने कार्य की उपलब्धियों गिनाते हुए तरह-तरह के प्रयोग कर फोटाग्राफी का रिकॉर्ड बचाव के रास्ते बनाने में जुटा है। ऐसे में बजरी माफियाओं ने भी टॉस्क फोर्स से निपटने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हुए बजरी के अवैध परिवहन को जारी रखे हुए है। माफियाओं की ओर से बजरी के ट्रकों को तिरपाल से ढककर, ट्रकों के बाद भूसे की बोरियां लटका कर, फर्जी रवन्ने तैयार कर आदि माध्यमों से अपने अवैध काम को जारी रखे हुए है। प्रदेश में कहीं भी पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टॉस्क फोर्र्स कोई भी बड़ा कारनामा नहीं पाई है। ऐसे में जिले में बजरी माफियाओं का बढ़ता दुस्साहस कानूनी नियम कायदों की धज्जियां उड़ा रहा है।
आंकड़े खोल रहे संयुक्त टॉस्क फोर्स की पोल
प्रदेशभर में संयुक्त टॉस्क फोर्स के गठन के बाद पीठ थपथपाने वाली सरकार की पोल बजरी माफियाओं का दुस्साहस खोल रहा है। टॉस्क फोर्स के गठन को करीब दो वर्ष ही हुए है, ऐसे में प्रदेशभर में अवैध बजरी के व्यापार में लिप्त 439 जनों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 175 वाहन भी जब्त किए गए है। इसमें सर्वाधिक कार्रवाईयां टोंक व धौलपुर जिले होना सामने आया है।


प्रदेश में 10 सर्वाधिक बजरी खनन वाले जिले
जिला गिरफ्तार जब्त वाहन
धौलपुर 53 22
टोंक 74 20
स.माधोपुर 39 22
कोटा 51 10
भीलवाड़ा 49 21
दौसा 17 05
करौली 13 09
बांरा 25 06
बूंदी 08 05
राजसमंद 21 07

Published on:
17 Mar 2021 11:50 am
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