धौलपुर

धौलपुर नगर परिषद के आयुक्त का 40 हजार की रिश्वत लेते वीडियो वायरल, जांच शुरू

धौलपुर नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गुमान सिंह सैनी का कथित रिश्वत लेते हुए वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। 40 हजार रुपए के कथित कमीशन को लेकर उठे सवालों के बीच आयुक्त ने खुद को निर्दोष बताते हुए साजिश का आरोप लगाया है, जबकि मामले की जांच शुरू हो चुकी है।

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Jun 23, 2026
dholpur Bribery
Dholpur: कथित रिश्वत लेते हुए आयुक्त (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

धौलपुर। नगर परिषद एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गुमान सिंह सैनी का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें नकदी लेते और उसकी गिनती करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि यह राशि किसी बिल के भुगतान के बदले कमीशन के रूप में दी गई थी। वीडियो में मौजूद एक व्यक्ति, जिसे ठेकेदार का सुपरवाइजर हेमंत बताया जा रहा है, कथित तौर पर कमीशन की दर को लेकर बातचीत करता सुनाई दे रहा है। आरोप है कि 2 प्रतिशत की जगह ढाई प्रतिशत कमीशन देने की बात कही जा रही है और इसी दौरान 40 हजार रुपए नकद दिए गए।

वायरल वीडियो यहां देखें :

आयुक्त ने ठेकेदार पर साजिश रचने का लगाया आरोप

हालांकि, इन आरोपों को लेकर कार्यवाहक आयुक्त गुमान सिंह सैनी ने अपनी सफाई भी पेश की है। उनका कहना है कि एक ठेकेदार लंबे समय से फर्जी बिलों को पारित कराने के लिए उन पर दबाव बना रहा था। सैनी के अनुसार, वायरल वीडियो उसी दबाव की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को सौंप दी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पहले भी एसीबी कर चुकी है कार्रवाई

गौरतलब है कि धौलपुर नगर परिषद पहले भी भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा में रह चुकी है। सितंबर 2025 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने नगर परिषद में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3.10 लाख रुपए की रिश्वत मामले का खुलासा किया था। उस समय एसीबी की टीम ने पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान एईएन प्रिया झा, कैशियर भरत, ड्राइवर देवेंद्र, यूडीसी नीरज और संविदाकर्मी हरेंद्र को ट्रैप किया गया था।

अशोक शर्मा हुए थे निलंबित

उस प्रकरण में तत्कालीन नगर परिषद आयुक्त अशोक शर्मा को सीधे तौर पर ट्रैप नहीं किया गया था, लेकिन उनकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इस घटना के बाद नगर परिषद की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे।

मूलभूत सुविधाओं की समस्या

इधर, शहर में सफाई व्यवस्था, सीवरेज और मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी नगर परिषद लगातार आलोचनाओं का सामना कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्याओं के समाधान की बजाय कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर भुगतान किए जाते हैं। ऐसे में नए वायरल वीडियो ने एक बार फिर नगर परिषद की कार्यशैली को बहस के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की कार्रवाई और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।

Updated on:
23 Jun 2026 05:14 pm
Published on:
23 Jun 2026 04:58 pm