गाज़ियाबाद

राह में 3 पुलिस चौकी व थाना, फिर भी सेर पर रोज गुजरते हैं सवा सेर

धौलपुर से राजाखेड़ा होते हुए आगरा सीमा पर उटंगन नदी के पुल तक ढाई वर्ष पहले बनाया गया स्टेट हाइवे-2ए जहां घटिया निर्माण सामग्री के चलते लोकार्पण से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे कोढ़ में खाज का काम कर रहे हैं ओवरलोड वाहन।

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धौलपुर से राजाखेड़ा होते हुए आगरा सीमा पर उटंगन नदी के पुल तक ढाई वर्ष पहले बनाया गया स्टेट हाइवे-2ए जहां घटिया निर्माण सामग्री के चलते लोकार्पण से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे कोढ़ में खाज का काम कर रहे हैं ओवरलोड वाहन।

25 टन भार वहन क्षमता की सड़क पर 75 से 80 टन वजन तक के वाहन गिट्टी व अन्य निर्माण सामग्री भरकर रोजाना यहां से गुजर रहे हैं। इन ओवरलोड वाहनों ने पहले से ही घटिया निर्माण सामग्री के चलते उधड़ चुकी सड़क को मृत: प्राय कर दिया है।

मजे की बात यह है कि इतना सब होने के बावजूद और पूरे रास्ते में पुलिस थाना और चौकी होने पर भी कार्रवाई नहीं की जाती है, जिससे ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से बैखोफ सड़क का सीना चीरते हुए सरपट निकल जाते हैं।

वाहनों का सेन्सस शुरू


सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता देवेन्द्र गुप्ता ने बताया कि अवैध ओवरलोड वाहनों का संचालन रोककर सड़कों को बचाने के लिए आधा दर्जन से अधिक पत्र पुलिस अधीक्षक व जिला कलक्टर के साथ परिवहन विभाग को भी लिखकर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर विभाग ने इस मार्ग पर प्रतिदिन वाहनों की वीडियोग्राफ्री करा कर गुजरने वाले वाहनों का सेंसस प्रारंभ कर दिया है, जिसे जल्द ही सरकार के समक्ष रखा जाएगा।

वर्दी का पहरा, फिर भी उनको नहीं खतरा!

धौलपुर से राजाखेड़ा के बीच पहली पुलिस चौकी ओवर ब्रिज के नीचे है। उसके बाद जाटौली मोड़, दिहोली थाना एवं अंत में पुलिस चौकी टाउन राजाखेड़ा भी राजमार्ग पर स्थापित है। इसके बावजूद इन तीन चौकियों व दो थाना क्षेत्रों से बेरोकटोक व सुरक्षित उत्तरप्रदेश सीमा में निकल जाना कहीं ना कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान तो लगा ही रहा है। वहीं परिवहन विभाग द्वारा भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने से चर्चा का विषय बनी हुई है।

क्षमता से 3 गुना तक का ले जा रहे भार

सार्वजनिक निर्माण विभाग के अनुसार राजमार्ग का निर्माण 25 टन तक के वाहनों के लिए किया गया है, लेकिन इस पर प्रतिदिन 150 से ओवरलोड 200 डम्पर व ट्रक गुजर रहे हैं, जिससे यह राजमार्ग किसी गांव की कच्ची सड़क में तब्दील हो चुका है। गौरतलब है कि पिछले दो वर्ष से शमशाबाद-आगरा मार्ग निर्माण के लिए प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक व डम्पर बलास्ट व गिट्टी लेकर यहीं से गुजर रहे थे।

वर्तमान में भी आगरा इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट, आगरा-इटावा फॉर लेन प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य जारी है। इन प्रोजेक्टों में काम आने वाली निर्माण सामग्री गिट्टी आदि लेकर जहां 70 फीसदी ट्रक इसी राजमार्ग से उत्तरप्रदेश की ओर निकलते हैं। वहीं लगभग 30 फीसदी ट्रक धौलपुर होते हुए आगरा पहुंच रहे हैं। यह निर्माण सामग्री मध्यप्रदेश के ग्वालियर व आस-पास के क्षेत्रों से लाई जा रही है, जो बेधड़क उत्तरप्रदेश पहुंच रही है।

रघुराजसिंह शेखावत पुलिस उपाधीक्षक वृत्त मनियां ने बताया कि समय-समय पर ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। अब विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने के लिए सभी थाना अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

Published on:
27 Sept 2016 03:53 pm
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