
छात्र आंदोलन के बाद चर्चा में जुनैद
Mohammad Junaid News: छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था कर चर्चा में आए गाजियाबाद के नाहल गांव निवासी मोहम्मद जुनैद मालिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह पुलिस की पूछताछ है। जुनैद और उनके परिवार का आरोप है कि पुलिस फंडिंग के स्रोत को लेकर लगातार उनसे पूछताछ कर रही है, जिससे पूरा परिवार परेशान है।
जुनैद के चचेरे दादा आफताब अली ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि पुलिस अब तक दो बार उनके घर पहुंच चुकी है। उनका कहना है कि रात के समय भी पुलिस पूछताछ के लिए आई, जिससे घर के बच्चे भी घबरा गए। आफताब अली के मुताबिक, आंदोलन के दौरान जुनैद ने छात्रों की मदद अपनी इच्छा से की थी। इसके लिए उसने किसी से पैसे नहीं मांगे। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने स्वेच्छा से खाने-पीने का सामान भेजा था और जुनैद ने अपनी जेब से भी कुछ हजार रुपये खर्च किए थे।
आफताब अली ने बताया कि जुनैद अपने गांव में ही एक छोटी दुकान चलाता है। इसके अलावा परिवार की कुछ दुकानें किराए पर भी हैं। उन्होंने कहा कि जुनैद कानून (एलएलबी) की पढ़ाई कर रहा है और उसका स्वभाव बेहद शांत है।
परिवार का आरोप है कि पुलिस की लगातार पूछताछ से घर में डर का माहौल बन गया है। आफताब अली ने दावा किया कि एक बार पुलिस जुनैद को अपने साथ भी ले गई थी और उसके राशन कार्ड समेत कुछ दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए थे। बाद में गांव के लोगों के हस्तक्षेप के बाद उसे वापस छोड़ा गया। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार पूछताछ की वजह से जुनैद मानसिक दबाव में है और एक बार वह भावुक होकर रो भी पड़ा।
इससे पहले जुनैद के पिता मुस्तफा भी पुलिस पर पूछताछ के नाम पर परिवार को परेशान करने का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना था कि आंदोलन में की गई मदद को लेकर बार-बार सवाल पूछे जा रहे हैं।
जुनैद का मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। समाजवादी पार्टी उसके समर्थन में खुलकर सामने आई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रही है। ऐसे में छात्र आंदोलन से शुरू हुआ यह मामला अब पुलिस जांच के साथ-साथ राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है।
Updated on:
31 Jul 2026 11:54 am
Published on:
31 Jul 2026 11:54 am
