
जुनैद ने सीजेपी नेताओं पर लगाया आरोप
Mohammad Junaid CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान यूपी के मोहम्मद जुनैद चर्चित चेहरा बने थे। सोशल मीडिया पर जुनैद की कई वीडियो वायरल हुई थी, जिनमें वह मौजूद लोगों की सेवा करते हुए नजर आ रहा है। वहीं अब आंदोलन खत्म होने के बाद जुनैद सीजेपी के नेताओं ने नाराज नजर हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन खत्म होने के बाद पार्टी ने उनसे दूरी बना ली और अब कोई संपर्क नहीं रखता।
हिंदुस्तान लाइव से बातचीत करते हुए जुनैद ने कहा कि CJP के नेता मुझे पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं। वे मुझसे संपर्क में नहीं हैं। अगर किसी जानवर को भी 24 घंटे अपने साथ रखो तो उससे लगाव हो जाता है, लेकिन मैं 35 दिनों तक उनके साथ इंसान की तरह रहा। मैंने 35 दिन तक उन्हें खाना खिलाया।
बातचीत के दौरान जुनैद ने कहा कि हमारा रिश्ता कभी नहीं टूटेगा, लेकिन कम से कम वे मुझसे मिलते या हाथ मिलाते। हमने एक-दूसरे के फोन नंबर तक शेयर नहीं किए। अब शायद हम दोबारा कभी नहीं मिल पाएंगे।
बता दें कि आंदोलन के समय अचानक जुनैद सुर्खियों में आ गए। दरअसल, जुनैद ने यूपी पुलिस पर कार्रवाई के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि गाजियाबाद स्थित उनके घर पर पुलिस ने छापा मारा, परिवार के दस्तावेज जब्त किए और उन पर आंदोलन छोड़ने का दबाव बनाने के लिए उनके पिता और नाबालिग भाई को हिरासत में लिया।
इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों ने सादे कपड़ों में उन्हें हिरासत में लिया, आंखों पर पट्टी बांधकर पूरी रात पूछताछ की और यह जानने की कोशिश की कि आंदोलन में चल रहे मुफ्त भोजन का खर्च कौन उठा रहा है। बाद में उन्हें उत्तराखंड के मसूरी में छोड़ दिया गया। हालांकि, पुलिस ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने मेरठ स्थित जुनैद की बहन के घर पर भी छापा मारा, जहां से बहन के ससुर से भी पूछताछ की। सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई को लेकर लोगों में आक्रोश नजर आया।
कानूनी हस्तक्षेप और CJP के आंदोलन समाप्त होने के बाद जुनैद और उनके परिवार के सदस्यों को रिहा कर दिया गया। अब जुनैद का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी के नेता खुलकर उनके समर्थन में सामने आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका आरोप है कि संकट के समय CJP के नेताओं ने चुप्पी साध ली, जिससे वह खुद को अकेला महसूस करने लगे।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनसे दूरी बना ली है। हालांकि वह और उनका परिवार अब रिहा हो चुके हैं, लेकिन पुलिस और अदालत से जुड़े मामलों का सामना उन्हें लगभग अकेले ही करना पड़ रहा है।
मोहम्मद जुनैद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के नहाल गांव के रहने वाले हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के दौरान वह सबसे चर्चित स्वयंसेवकों में शामिल रहे।
जुनैद किसी राजनीतिक पद पर नहीं थे और न ही मंच से भाषण देते थे। उन्होंने आंदोलन के दौरान पर्दे के पीछे रहकर बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने एक सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) चलाई, जहां प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों के लिए मुफ्त भोजन, चाय, पीने का पानी और हल्के नाश्ते की व्यवस्था की।
Updated on:
27 Jul 2026 03:47 pm
Published on:
27 Jul 2026 03:12 pm
