Mustard oil tanker overturns Dholpur: तेल लूटने का यह सिलसिला रात से शुरू होकर मंगलवार सुबह 8 बजे तक जारी रहा, जिसे पुलिस के पहुंचने के बाद ही रोका जा सका। बाद में क्रेन की मदद से टैंकर को सीधा करवाया गया।
धौलपुर-भरतपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सरसों के तेल से भरा एक टैंकर बेकाबू होकर पलट गया। यह हादसा सोमवार रात करीब 9 बजे ठाकुरदास का नगला गांव के पास हुआ। टैंकर के पलटने से उसमें भरा हजारों लीटर तेल सड़क किनारे एक गड्ढे में बह गया, जिसने देखते ही देखते तेल के एक छोटे 'तालाब' का रूप ले लिया।
टैंकर ड्राइवर प्रधान (निवासी दूदू) ने बताया कि उनके आगे चल रही एक पिकअप गाड़ी किसी अन्य वाहन से टकरा गई थी। इसी दौरान सामने से एक बस आती दिखी। बस को टक्कर से बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने टैंकर को सड़क से नीचे कच्चे रास्ते पर उतार दिया, जिससे टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि ड्राइवर प्रधान और उसका भतीजा दोनों इस हादसे में सुरक्षित बच गए।
हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थिति देखकर वापस चली गई। इसका फायदा उठाते हुए रात करीब 2 बजे आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर जुटने लगे। टैंकर से रिसकर जो तेल गड्ढे में भरे पानी पर तैर रहा था, उसे लूटने की होड़ मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण बाल्टी, डिब्बे, बोतलें और यहां तक कि ड्रम लेकर पहुंच गए। ग्रामीणों ने अनूठा तरीका अपनाकर पानी से तेल को अलग किया। पानी के ऊपर तैर रहे तेल की परत को वे कपड़ों से छानकर बर्तनों में भर रहे थे। कुछ लोगों ने तो टैंकर के अंदर बचे हुए तेल को निकालने के लिए पाइप का इस्तेमाल भी किया। तेल लूटने का यह सिलसिला रात से शुरू होकर मंगलवार सुबह 8 बजे तक जारी रहा, जिसे पुलिस के पहुंचने के बाद ही रोका जा सका। बाद में क्रेन की मदद से टैंकर को सीधा करवाया गया।
ड्राइवर के मुताबिक, यह टैंकर मुरैना (मध्य प्रदेश) से करीब 40 हजार लीटर सरसों का तेल लेकर अलवर जा रहा था। इस तेल की अनुमानित कीमत 150 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से लगभग 60 लाख रुपए आंकी गई है, जिसका भारी नुकसान हुआ है। थाना प्रभारी वीरेंद्र मीणा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सामने से आ रही बस को बचाने की कोशिश में यह दुर्घटना हुई। तेल पानी में फैल गया था, जिसे ग्रामीण बर्तन भरकर ले गए। हादसे में ड्राइवर या उसके भतीजे को कोई चोट नहीं आई है।