धौलपुर

Rajasthan Monsoon: खुल गए पार्वती डैम के 16 गेट, तटीय इलाकों में अलर्ट, 50 गांवों में मंडराया बाढ़ का खतरा

Parvati Dam Latest Update: निरंतर बारिश से पार्वती डैम में पानी की आवक जारी है। ऐसे में आज पार्वती डैम के 16 गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।

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Sep 12, 2024

Dholpur news: धौलपुर। नए वेदर सिस्टम के चलते राजस्थान के जिलों में भारी बारिश हो रही है। धौलपुर जिले में मंगलवार को शुरू हुआ बारिश का दौर गुरुवार को भी रुक-रुककर जारी है। भारी बारिश के चलते कई निचले इलाके पानी में डूब गए। धौलपुर में आज कक्षा एक से 12वीं तक बच्चों की छुट्टी घोषित की गई है। कैचमेंट एरिया में निरंतर बारिश से पार्वती बांध में पानी की आवक जारी है। ऐसे में आज पार्वती डैम के 16 गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। ऐसे में करीब 50 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पार्वती नदी में जल स्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। इधर, मचकुंड 45 साल बाद लबालब होने से लोग खुश है।

भारी बारिश के साथ करौली कैचमेंट एरिया से लगातार पानी की आवक की वजह से आंगई स्थित पार्वती बांध का जलस्तर एक बार फिर 223.35 मीटर पहुंच गया। ऐसे में गेज मेंटेन करने लिए आज 16 गेट खोलकर पानी की निकासी जारी है। पार्वती डेम के 16 गेट तीन तीन फीट खोलकर 774.368 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान तैनात है। बाड़ी-बसेड़ी और बाड़ी-सैंपऊ सड़क मार्ग बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है।

नदी किनारे बसे गांवों में मंडराया खतरा

जानकारी के मुताबिक आज सुबह 10 बजे जेईएन सुशील कुमार के नेतृत्व में पार्वती डैम के 16 गेट खोले गए। ऐसे में सैंपऊ क्षेत्र से होकर गुजर रही पार्वती नदी में उफान आ गया है। तहसीलदार राहुल धाकड़ लगातार पार्वती नदी का दौरा कर रहे हैं और आसपास के गांवों में फोन से हालातो का जायजा ले रहे है। नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों में पानी भर गया है। यहां करीब 50 से ज्यादा गांव नदी के किनारे पर है। ऐसे में बाढ़ का खतरा मंडराता जा रहा है। वहीं, पार्वती नदी के नए पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है। यहां पुल के ऊपर तक पानी पहुंच गया है।

45 साल बाद मचकुंड लबालब

धौलपुर में हो रही जोरदार बारिश का ही असर है कि तीर्थराज की धरा स्थित मचकुंड बीते 45 साल बाद लबालब हुआ है। महंत कृष्णदास ने बताया कि इससे पहले मचकुंड 1979 में लबालब हुआ था। इस बार पानी कुण्ड के ऊपरी सीढ़ियों तक आ गया है। जिससे शहरवासियों सहित धर्मप्रेमी और मचकुंड समिति के लोगों में हर्ष है।

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