
धौलपुर. अपंजीकृत विवाह स्थलों को निर्धारित शुल्क जमा नहीं कराने पर दिएनोटिसों से मैरिज होम संचालकों में हडक़म्प गया।
दो मैरिज होम संचालकों ने नोटिसों का यह कहते हुएविरोध किया कि पंजीकरण सहित सभी शुल्क जमा कराने के ७ साल बाद भी परिषद ने उन्हें पंजीकृत नहीं किया है।
उधर, परिषद ने तथ्य इस तर्क से खारिज किया है कि विवाह स्थल संचालकों ने २०१० के बाद की राशि जमा नहीं कराई है। इसलिए नोटिस दिए गएहैं।
नोटिस १५ को, अवैध विवाह स्थल दो दरजन
नगरपरिषद ने विधानसभा प्रश्न के जवाब में भेजा है कि नगरपरिषद में एक भी विवाह स्थल पंजीकृत नहीं हैं। परिषद ने १५ विवाह स्थलों को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन यह पूरी तस्वीर नहीं है।
शहर में कुल दो दर्जन से ज्यादा विवाह स्थल संचालित हैं। इनमें सिर्फ १५ को नोटिस दिए गए हैं। जबकि एक दर्जन विवाह स्थल अवैध रूप से शहर के बीचों-बीच चल रहे हैं। इन्हें नगर परिषद ने बंद कराना तो दूर नोटिस तक नहीं दिए हैं।
श्याम कॉम्पलेक्स के संचालक गौरव गर्ग ने बताया कि उन्होंने पंजीयन शुक्ल की राशि वर्ष २०१० में ही जमा करा दी थी। साथ ही सभी आपूर्ति भी पूरी कर दी थीं। इतना ही नहीं कई बार स्मरण पत्र भी परिषद को दे दिए, लेकिन अभी तक पंजीकरण प्र्रमाण-पत्र जारी नहीं किया है।
अशोक-विजय कॉप्पलेक्स मैरिज संचालक अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने भी वर्ष २०१० में ही पंजीकरण शुल्क जमा करा दिया था। इसके बाद वर्ष २०१२ में भी प्रमाण-पत्र के लिए पत्र लिखा था, लेकिन अभी तक जारी नहीं किया गया है। अब नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
इनका कहना है
परिषद २०११ से पंजीकरण शुल्क की डिमाण्ड कर रहा है। ऐेसे में २०१० का कोई मतलब नहीं है। इस सम्बंध में न्यायालय ने भी निर्देश जारी किए थे।
शशिकांत शर्मा, आयुक्त, नगरपरिषद, धौलपुर।