जिले की ग्राम पंचायत सखवारा के सरपंच और ग्राम सचिव पर स्थानीय ग्रामीणों ने सीसी खरंजे से लेकर हर सरकारी योजना में मिलीभगत का आरोप लगाया है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने आज सोमवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की कि सरपंच व ग्राम सचिव की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई हो। ग्रामीणों का कहना है कि अभी गांव सखवारा में सीसी रोड का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें घटिया किस्म की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
धौलपुर. जिले की ग्राम पंचायत सखवारा के सरपंच और ग्राम सचिव पर स्थानीय ग्रामीणों ने सीसी खरंजे से लेकर हर सरकारी योजना में मिलीभगत का आरोप लगाया है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने आज सोमवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की कि सरपंच व ग्राम सचिव की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई हो। ग्रामीणों का कहना है कि अभी गांव सखवारा में सीसी रोड का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें घटिया किस्म की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। जिसकी शिकायत जब संबंधित ठेकेदार से की तो उसने सरपंच व ग्राम सचिव की इच्छानुसार कार्य करने की बात कही। यही नहीं कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच व ग्राम सचिव ने भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाते हुए सीसी खरंजे को शिकायत कर्ताओं के घर के सामने से उखड़वा दिया।
मामले ने तूल तब पकड़ा जब 6 सितंबर को सखवारा गांव निवासी रमाकांत शर्मा के घर के सामने चल रहे सीसी रोड निर्माण कार्य को अचानक से रोककर जेसीबी मशीन से उखड़वा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सचिव लगातार उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देता है।ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सचिव पिछले 15 वर्षों से यहां तैनात है, पहले शिकायत के आधार पर एपीओ कर दिया था। लेकिन वापस यहां आ गए। आरोप है कि किसी भी कार्य को लेकर सचिव से संपर्क करने पर सहयोग नहीं मिलता। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सखवारा गांव में हो रहे सीसी रोड निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए और निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही सचिव और सरपंच के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि ग्रामीणों को न्याय मिल सके और ग्राम स्तर पर पारदर्शिता आए। इस दौरान मुन्नालाल, उमाकांत रावत, अमित कुमार, बनवारी, पंकज, नवनीत, दीनदयाल, अतुल रावत, हरिओम शर्मा, धर्मेश आदि ग्रामीण मौजूद रहे।