Dholpur, सरमथुरा क्षेत्र में सोमवार देर रात को उपखंड क्षेत्र में तेज अंधड़ ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण पूरे क्षेत्र में बिजली के पोल धराशायी हो गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। तेज रफ्तार हवाओं ने गांवों में सैकड़ों टिनशेड उड़ा दिए, कई मकानों की दीवारें और पेंड धराशायी हो गए। तूफान से क्षेत्र में विद्युत निगम को भारी नुकसान हुआ है।

Dholpur, सरमथुरा क्षेत्र में सोमवार देर रात को उपखंड क्षेत्र में तेज अंधड़ ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण पूरे क्षेत्र में बिजली के पोल धराशायी हो गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। तेज रफ्तार हवाओं ने गांवों में सैकड़ों टिनशेड उड़ा दिए, कई मकानों की दीवारें और पेंड धराशायी हो गए। तूफान से क्षेत्र में विद्युत निगम को भारी नुकसान हुआ है।
आंधी के चलते ग्रामीण क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग पूरी रात दहशत में जागते रहे। सबसे अधिक नुकसान बिजली व्यवस्था को हुआ, जहां दर्जनों बिजली के खंभे टूटकर गिर गए और पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। आंधी से पेड़ टूटने के कारण रास्ते बंद हो गए। हाइवे स्थित सुनकई गांव में बड़े पेड़ सडक़ पर गिर जाने से रास्ता अविरूद्ध हो गया।
तूफान से उपखंड क्षेत्र के भरकूजरा पंचायत के तिलऊआ, गौलारी, मदनपुर, खरौली, बटीकरा पंचायत के सुनकई सहित दो दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। गांव रात्रि को तेज गडगड़़ाहट, धूलभरी आंधी और मूसलाधार बारिश ने क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। कई बिजली के पोल टूटकर गिर पड़े और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित गांवों में ग्रामीणों ने पूरी रात डर और अनिश्चितता के बीच गुजारी। तेज हवाओं के कारण टीनशेड उड़ गए, पेड़ जड़ों समेत उखड़ गए और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अंधड़ का सबसे ज्यादा असर धौलपुर-करौली राष्ट्रीय राजमार्ग 11बी स्थित सुनकई गांव में दिलाई दिया। सुनकई गांव के निकट भमाया पुल क्षेत्र में 33 केवी और 11केवी के लगभग एक दर्जन बिजली पोल टूटकर सडक़ और खेतों में गिर गए। हाइवे पर बड़े-बड़े पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया है। जो सुबह 10 बजे तक भी मार्ग पूरी तरह साफ नहीं हो सका था। राहगीरों ने स्वयं पेड़ों की शाखाएं हटाकर रास्ता बनाने का प्रयास किया, लेकिन कई इलाकों में अब भी आवागमन बाधित बना हुआ है।
आंधी और बारिश के कारण आंगई फीडर सहित कई विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे अनेक गांव में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। विद्युत विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अभी भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। हालांकि राहत की बात यह रही कि ग्रामीण क्षेत्र में कही भी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। कच्चे मकानों, पशुशालाओं और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है।
मदनपुर पंचायत अधिक प्रभावित, 71 विद्युत पोल टूटे
उपखंड क्षेत्र में अंधड़ के कारण मदनपुर पंचायत सबसे अधिक प्रभावित हुई है। अकेले मदनपुर फीडर के 71 विद्युत पोल धाराशायी हो गए हैं। वहीं 33 केवीए लाइन के पांच पोल टूटने से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाइवे और ग्रामीण मार्गों से गिरे पेड़ तथा टूटे बिजली पोल तत्काल हटाए जाएं और बिजली व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल की जाए।
सोमवार रात्रि को तेज अंधड़ से ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत तंत्र पूरी तरह फेल हो गया है, ट्रांसफार्मर गिरने, करीब सवा सौ पोल टूटने व विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने से निगम को भारी नुकसान हुआ है। सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है, वहीं लाइनों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
-हरिओम शर्मा, जेइएन जेवीवीएनएल सरमथुरा ग्रामीण