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कहीं आप भी तो नहीं खा रहे नकली घी? सिर्फ 5 सेकंड में असली-नकली घी की ऐसे करें जांच

Ghee Adulteration Test at Home: घी का मूल्य सभी डेयरी उत्पादों में सबसे ज्यादा है। इसकी एक बड़ी वजह है कि इसे बनाने में मेहनत के साथ लागत भी लगती है। घी को ताकत का खजाना माना गया है। लेकिन महंगी होने की वजह से बहुत से लोग इसे नहीं खा पाते हैं।

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Jul 20, 2023
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Ghee Adulteration Test at Home

Ghee Adulteration Test at Home: घी का मूल्य सभी डेयरी उत्पादों में सबसे ज्यादा है। इसकी एक बड़ी वजह है कि इसे बनाने में मेहनत के साथ लागत भी लगती है। घी को ताकत का खजाना माना गया है। लेकिन महंगी होने की वजह से बहुत से लोग इसे नहीं खा पाते हैं।

खाने-पीने की चीजों में मिलावट आम बात है। घी भी इससे अछूता नहीं है। मिलावट करने वाले घी में भी मिलावट कर देते हैं। मिलावटी चीज खाने से सेहत पर गंभीर असर होता है। खाने-पीनी की चीजों की गुणवत्ता पर नजर रखने वाले भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने घी में मिलावट या असली-नकली घी की पहचान करने का तरीका बताया है। जिसे आपको जानना चाहिए।


घी की मात्रा बढ़ाने और उसकी लागत कम करने के लिए मिलावट करते हैं। उसमें सस्ते या कम गुणवत्ता वाले पदार्थ को घी में मिला देते हैं। जिसमें वनस्पति तेज, पिघला हुआ मक्खन, वनस्पति, एनिमल फैट और हाइड्रोजनेटेड ऑयल आदि की मिलावट की जाती है। जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। साथ ही ऐसा करने से घी का पोषण मूल्य कम हो जाता है।

मिलावटी घी खाने के नुकसान
मिलावटी घी खाने से शरीर में गंदे फैट की मात्रा बढ़ जाती है। जिसमें कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से और उससे होने वाले विकारों जैसे दिल के रोग, हार्ट अटैक, नसों में ब्लॉकेज होना, ब्लड फ्लो में रुकावट आदि का जोखिम सकता है। नकली घी से सेवन से मोटापा भी बढ़ सकता है। साथ ही आंतों का कामकाज भी प्रभावित हो सकता है।

घी के शुद्धता की ऐसे करें जांच

FSSAI के अनुसार, एक टेस्ट ट्यूब में लगभग एक चम्मच पिघला हुआ घी और समान मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक एसिड लें फिर इसमें एक चुटकी चीनी मिलाएं
एक मिनट तक हिलाएं और पांच मिनट तक छोड़ दें थोड़ी देर बाद आपको वनस्पति या मार्जरीन के निचले हिस्से में आपको लाल रंग का दिखने लगेगा।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
05 Oct 2023 03:41 pm
Published on:
20 Jul 2023 12:27 pm