लहसुन (Garlic) में एलियम (allium) नामक एंटीबायोटिक (antibiotic) होता है जो बहुत से रोगों के बचाव में लाभप्रद है। नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर (blood pressure) कम या ज्यादा होने की बीमारी नहीं होती। नियमित लहसुन की पांच कलियां खाई जाएं तो हृदय संबंधी रोग होने की संभावना कम होती है।

लहसुन (Garlic) में एलियम (allium) नामक एंटीबायोटिक (antibiotic) होता है जो बहुत से रोगों के बचाव में लाभप्रद है। नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर (blood pressure) कम या ज्यादा होने की बीमारी नहीं होती। नियमित लहसुन की पांच कलियां खाई जाएं तो हृदय संबंधी रोग होने की संभावना कम होती है। इसे पीसकर त्वचा पर लेप करने से विषैले कीड़ों के काटने या डंक मारने से होने वाली जलन कम हो जाती है।
गुणों का खजाना है आंवला
आंवले को आयुर्वेद (ayurveda) में गुणों का खजाना माना गया है। आंवले में तीन संतरों के बराबर विटामिन होता है।
लिवर को ताकत: आंवले से लिवर को शक्ति मिलती है। जिससे यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकाला है।
पाचन तंत्र को मजबूती: यह पाचन तंत्र और किडनी को स्वस्थ रखता है व आर्थराइटिस के दर्द को कम करता है।
पथरी में लाभ: इसका चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी में फायदा होता है।
एक गिलास पानी 25 ग्राम सूखे आंवले बारीक पिसे हुए व 25 ग्राम गुड़ मिलाकर 40 दिन तक दिन में 2 बार सेवन से गठिया रोग दूर होता है।
सूखे आंवले से दांतों की बीमारियों में आराम मिलता है व नियमित सेवन स्वास्थ्य लाभ भी देता है।
आंवले के रस में थोड़ा कपूर मिलाकर उसका लेप मसूड़ों पर करने से दांत के दर्द में आराम मिलता है।