31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कमर का घेरा कम करना चाहते हैं तो अपनाएं ये डाइट

अल्कलाइन डाइट (Alkaline Diet) में वेट लॉस प्रोग्राम (Weight Loss Programme) के तहत मुख्य रुप से क्षारीय प्रकृति के फूड लेने पर जोर दिया जाता है और बॉडी का पीएच (क्षारीय और अम्लता की माप) बैंलेंस 7.35 से 7.45 के बीच बरकरार रखने की कोशिश की जाती है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Jameel Ahmed Khan

•

Updated: 9 Jun 2021, 6:20 PM IST

Alkaline Diet

Alkaline Diet

अल्कलाइन डाइट (Alkaline Diet) में वेट लॉस प्रोग्राम (Weight Loss Programme) के तहत मुख्य रुप से क्षारीय प्रकृति के फूड लेने पर जोर दिया जाता है और बॉडी का पीएच (क्षारीय और अम्लता की माप) बैंलेंस 7.35 से 7.45 के बीच बरकरार रखने की कोशिश की जाती है।

फायदे : इससे न सिर्फ वजन घटाने में मदद मिलती है बल्कि आर्थराइटिस, डायबिटीज और कैंसर सरीखी कई बीमारियों में राहत भी मिलती है। यह डाइट अवसाद को भी कम करती है।

अल्कलाइन चीजें : गाजर (Carrot), पत्तागोभी (Cabbage), फूलगोभी, पालक (Spinach), शिमला मिर्च, नींबू (Lemon) और लहसुन (Garlic)।

ये है थ्योरी
हमारा रक्त कुछ हद तक क्षारीय प्रकृति का होता है, जिसका पीएच लेवल 7.35 से 7.45 के बीच होता है। हमारी डाइट भी इसी पीएच लेवल को मेंटेन करने वाली होनी चाहिए, इसलिए 70 फीसदी अल्कलाइन फूड और 30 फीसदी एसिड फूड खाना चााहिए।

एक्सरसाइज करती है दवा का काम
ड्रग इंटरवेंशन की तरह 'एक्सरसाइज इंटरवेंशन' का नाम देकर शोधकर्ताओं का दावा है कि एक्सरसाइज दिल की बीमारियों के लिए भी कारगर है। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के शोधकर्ता हुसैइन नैसी का मानना है कि अब समय आ गया है कि हम इस दिशा में सोचें कि एक्सरसाइज किसी भी तरह से करना सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।