Health Benefits of Krishna Phal: पैशन फ्रूट या कृष्णा फल एक पौष्टिक फल है। यह भारत में आसानी से नहीं मिलता। यह काफी दुर्लभ है। यह कई बीमारियों में बेहद फयदेमंद है। इस फल में प्रचूर मात्रा में विटामिन व मिनरल पाए होते हैं। बीमारियों से बचने के लिए आप इस फल को अपनी डाइट में जरूर खाना चाहिए। लेकिन क्या आप कृष्णा फल यानी पैशन फ्रूट के बारे में जानते हैं, जिसका नाम बांके बिहारी के नाम पर पड़ा है। यह ब्राजील का मुख्य़ फल माना जाता है। इस वजह से यह भारत में कम ही मिल पाता है।
Health Benefits of Krishna Phal: पैशन फ्रूट या कृष्णा फल एक पौष्टिक फल है। यह भारत में आसानी से नहीं मिलता। यह काफी दुर्लभ है। यह कई बीमारियों में बेहद फयदेमंद है। इस फल में प्रचूर मात्रा में विटामिन व मिनरल पाए होते हैं। बीमारियों से बचने के लिए आप इस फल को अपनी डाइट में जरूर खाना चाहिए। लेकिन क्या आप कृष्णा फल यानी पैशन फ्रूट के बारे में जानते हैं, जिसका नाम बांके बिहारी के नाम पर पड़ा है। यह ब्राजील का मुख्य़ फल माना जाता है। इस वजह से यह भारत में कम ही मिल पाता है।
सभी फलों से ज्यादा फायदेमंद
एक स्टडी के अनुसार केला, आम, पपीता, अनानास, लीची की तुलना में कृष्णा फल में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषण से पाए जाते हैं।
शरीर में नहीं होगी आयरन की कमी
बहुत से आयरन वाले फ्रूट खाने के बाद भी शरीर में आयरन की कमी पूरी नहीं हो पाती है। क्योंकि शरीर इसका ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाता। लेकिन पैशन फ्रूट में विटामिन सी की मदद से आयरन पूरा अवशोषित हो जाता है।
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर
पैशन फ्रूट में विटामिन सी के साथ बीटा कैरोटीन और पॉलीफेनोल्स भी पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स सेल्स को डैमेज करने वाले फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं।
प्रचूर मात्रा में है डाइटरी फाइबर
एक कृष्णा फल 2 ग्राम के करीब फाइबर प्रदान करता है। इतनी कम मात्रा में इतना फाइबर बहुत कम फल दे पाते हैं। इसके सेवन से कब्ज, बवासीर और खराब पाचन की समस्या दूर होते हैं।
सूजन-दर्द से मिलेगी राहत
हाई एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण इस फल का सेवन करने से सूजन व दर्द की समस्या में राहत मिलती है। इसमें पाए जाने वाले एंटी इंफ्लामेटरी गुण आर्थराइटिस व गठिया में कारगर है।
यह है कृष्णा फल खाने का सही तरीका
पीला-बैंगनी फल बाहर से कठोर होता है। इसे तोड़कर अंदर से गूदा और बीज निकालकर खाया जा सकता है। इसे आप ड्रिंक, डेजर्ट, सलाद या योगर्ट में डालकर भी खाया जा सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।