
ओमेेगा-थ्री फैटी एसिड कोई विटामिन नहीं है लेकिन यह शरीर के लिए बहुत जरूरी है। यह हृदय रोग, हाइपरटेंशन, गठिया, अल्जाइमर, मधुमेह आदि के जोखिम से बचाता है। इसमें ऐसे एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो मेनोपॉज के बाद महिलाओं के लिए उपयोगी होते हैं। 40 साल से अधिक के लोगों को हृदय रोगों का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल को सेहतमंद रखने में लाभकारी होते हैं। ये धड़कनों को कम कर देते हैं जिससे अचानक दिल का दौरा पडऩे का जोखिम कम हो जाता है।
ओमेगा-3 की पर्याप्त खुराक लेने से तनाव, गुस्से और चिड़चिड़ेपन में कमी आती है। बालों को घना व मजबूत बनाने के लिए भी ओमेगा थ्री महत्वपूर्ण है। इसे खाने से जोड़ों के दर्द की समस्या भी नहीं होती। इसका निर्माण शरीर खुद नहीं कर पाता इसलिए इसकी पूर्ति खाद्य पदार्थों से की जाती है।
प्रमुख स्रोत:
शाकाहारी लोग हरी पत्तेदार सब्जियों, सरसों, राई, अलसी के बीज, सोयाबीन, मूंग दाल, काली दाल, अखरोट, कद्दू के बीज व इनका तेल और तिल के तेल से इसे प्राप्त कर सकते हैं।