
किसी अन्य व्रत या उपवास की तुलना में करवाचौथ का व्रत ऐसा है जिसमें पति की लंबी उम्र के लिए पत्नियां पूरा दिन चांद दिखने तक पानी पीने के अलावा कुछ नहीं खातीं। ऐसे में जो महिलाएं पहले से किसी रोग से पीड़ित हैं, गर्भवती हैं या हाल ही मां बनी हैं उन्हें व्रत करते समय कुछ खास खयाल रखना चाहिए। आइए जानते हैं करवा चौथ के व्रत से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में...
एक दिन पहले हल्का भोजन करने से मिलेगी ऊर्जा
माना जाता है कि जो कुछ भी हम रात को खाते हैं उसका सीधा असर हमारे अगले दिन की ऊर्जा पर पड़ता है। इसलिए करवा चौथ के व्रत से एक दिन पहले रात को खासतौर पर ऐसी चीजें खानी चाहिए जो अगले दिन के लिए ऊर्जा से भरपूर रखें। कोशिश करें कि ज्यादा मीठा या नमकीन, छोले, मैदा, बेसन, ग्रेवी वाली सब्जी आदि को न खाएं। इनसे अगले दिन बार-बार प्यास लगेगी। इनके बजाय हल्का व पौष्टिक खाना खाएं। जिसमें पानी वाली सब्जी, दाल, पुलाव या खिचड़ी खा सकते हैं।
ये रोगी ध्यान रखें
हाई ब्लड प्रेशर के अलावा डायबिटीज, हृदय रोगी, माइग्रेन, मिर्गी के मरीजों, गर्भवती महिलाएं, हाल ही मां बनी व ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को उपवास रखने की मनाही होती है। साथ ही यदि करें भी तो भूखे न रहें। लंबे समय तक भूखे रहने से परेशानी और बढ़ जाती है। इसलिए दिनभर में कुछ न कुछ खाते रहें।
ये खा सकती हैं
गर्भवती व ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं यदि व्रत रखती हैं तो वे दिनभर में फल खाने के साथ लिक्विड डाइट के रूप में एक गिलास दूध, नींबू पानी, फलों का जूस, नारियल पानी, बनाना शेक आदि पी सकती हैं। यदि डायबिटिक हैं तो सीमित मात्रा में फल, जूस व बादाम खा सकती हैं। अन्य रोगी भी तरल के अलावा फल व अंजीर खाएं।