Lack of Nutrients : शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आवश्यक पोषण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। पोषण की कमी के कारण शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, लेकिन इससे पहले हमारा शरीर कई संकेत देता है, जो यह दर्शाते हैं कि हमें पर्याप्त पोषण (Lack of Nutrients) नहीं मिल रहा है। हालांकि, हम अक्सर इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं और
Lack of Nutrients : शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आवश्यक पोषण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। पोषण की कमी के कारण शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, लेकिन इससे पहले हमारा शरीर कई संकेत देता है, जो यह दर्शाते हैं कि हमें पर्याप्त पोषण (Lack of Nutrients) नहीं मिल रहा है। हालांकि, हम अक्सर इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं और जब समस्या गंभीर हो जाती है, तब हमें पछतावा होता है। इसलिए इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में जानकारी देंगे, जो शरीर में पोषण की कमी (Lack of Nutrients) का संकेत हो सकते हैं।
शरीर में कमजोरी
यदि आप बार-बार थकान का अनुभव कर रहे हैं और थोड़ी-सी गतिविधि के बाद भी थक जाते हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपके शरीर को आवश्यक ऊर्जा की कमी हो रही है। विटामिन-बी12, आयरन और फोलिक एसिड की कमी के कारण अक्सर थकान की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
स्किन की समस्या
त्वचा से जुड़ी समस्याएं, जैसे कि सूखापन, खुजली, मुंहासे और दाग-धब्बे, पोषण की कमी का संकेत हो सकती हैं। विशेष रूप से, विटामिन-सी, विटामिन-ई और जिंक की कमी से त्वचा में विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
लगातार बालों का झड़ना
यदि आपके बाल तेजी से गिर रहे हैं, तो यह एक संकेत हो सकता है कि आपके शरीर को प्रोटीन, आयरन, जिंक या बायोटिन की उचित मात्रा नहीं मिल रही है।
पाचन तंत्र का कमजोर होना
पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज, दस्त, गैस या पेट में फूलना पोषण की कमी (Lack of Nutrients) का संकेत हो सकती हैं। आहार में फाइबर या अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की कमी भी इन समस्याओं का कारण बन सकती है।
इम्युनिटी की कमी
यदि आप लगातार बीमार होते हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है। विटामिन-सी, जिंक, सेलेनियम और प्रोटीन की कमी से आपकी इम्युनिटी प्रभावित हो सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।