
गर्मी बढऩे के साथ ही पाचन संबंधी दिक्कतें खासकर लूज मोशन और इसके बाद डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है। अधिक पसीने से भी ऐसी दिक्कत होती है। अधिक डिहाइड्रेशन से मरीज को चक्कर आ जाते हैं, बेहोशी जैसे लक्षण भी आते हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञ, डॉ. गोपेश मंगल के अनुसार, शरीर में पानी की कमी से कई बार तो मरीज की जान जा सकती है। लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो गर्मी या लूज मोशन में भी शरीर में पानी की कमी नहीं होगी।
लूज मोशन की स्थिति में
इसमें सबसे पहले ओआरएस का घोल दें। यह तेजी से शरीर में कम हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को सही करता है। एक छोटा चम्मच कच्ची सौंफ (बिना भूनी हुई सौंफ), 1 छोटा चम्मच पकी सौफ (भूनी हुई सौंफ) लें। दोनों को मिला लें। आधा-आधा छोटे चम्मच सुबह-शाम रोगी (मरीज) को दें। जायफल को पानी या दूध में घीसकर देने से भी राहत मिलती है। इसी तरह सौंफ और सफेद जीरा को हल्का भून लें और पाउडर बनाकर पानी से लें। दस्त में राहत मिलती है। डाइट में हल्के, सुपाच्य और तरल चीजें ज्यादा मात्रा में लें। इसमें केला, खिचड़ी, पोहा, नारियल पानी आदि भी ले सकते हैं। नींबू, नमक-चीनी का घोल बनाकर ले सकते हैं। थोड़ा-थोड़ा ही खाएं। पेक्टिन-पोटैशियम वाले खाद्य पदार्थ, जैसे उबला आलू और शकरकंद आदि खाएं।
गर्मी में करें ये उपाय
ठंडा पानी पिएं
गर्मी में रोजाना पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी पिएं। पानी शरीर को ठंडा रखने का सबसे आसान तरीका है। रोजाना कम पांच लीटर पानी का सेवन करें।
ज्यादा तेल मसाला खाने से करें परहेज
गर्मियों में शरीर को ठंडा रखना जरूरी है। इसलिए ज्यादा तेल व मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए। इससे आपका पेट और शरीर गर्म हो जाएगा।
करें मूली का सेवन
मूली फाइबर में भरपूर है। गर्मी में इसका सलाद खाएं। इससे कब्ज की समस्या दूर होती है। मूली में मौजूद पानी बॉडी हीट से राहत दिलाने में मददगार है।
दही
गर्मी में रोजाना दही और छाछ का सेवन करें। इससे शरीर को ठंडक मिलेगी।
विटामिन सी
गर्मी में विटामिन सी से भरपूर आहार लें। नींबू, संतरे जैसे फलों में विटामिन सी पाया जाता है। यह शरीर का तापमान कम करता है।
तिल का सेवन
इसकी तासीर भी ठंडी होती है। इसलिए गर्मी में इसके बीजों को पानी में भिगो लें और फिर इस पानी को छान कर पी लें।
पुदीना
गर्मी में पुदीना का सेवन हमें लू से बचाता है और शरीर को भी ठंडा रखता है।
प्याज
प्याज को नींबू और नमक के साथ मिलाकर इसका सलाद का सेवन करें। इसे अपनी सब्जियों, करी और रायते में भी शामिल करें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।