
दूध सदियों से मानव आहार का प्रमुख हिस्सा रहा है। शिल्पी गोयल, न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, यह स्वास्थ्य के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाता है। बोन मास इंडेक्स को बढ़ाने, प्रोटीन कुपोषण व बोन हैल्थ समेत इसके कई फायदे हैं। अपने दिनभर के आहार में दूध लेना फायदेमंद है। रात को सोने से पहले दूध लेने से अच्छी नींद आती है।
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माताओं की शिकायत रहती है कि बच्चे के सामने दूध रखो वह पीता ही नहीं, उनसे दूध पीने के बारे में पूछते हैं तो वे कहती हैं कि मुझे क्यों पीना, मैं तो बड़ी हूं। विश्व दुग्ध दिवस पर जानिए दूध के बारे में कई जानकारियां।
दूध पीने का सही समय क्या है?
दूध पीने का सबसे सही समय शाम का वक्त है। इसे शाम के समय पीने से नींद अच्छी आती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि सुबह दूध पीने के फायदे नहीं होते हैं। दूध को किसी भी समय पिया जा सकता है। सुबह खाली पेट ठंडा दूध पीना एसिडिटी से राहत दिलाता है। हालांकि, यह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और पाचन तंत्र पर निर्भर करता है। बेहतर है अपने स्वास्थ्य के अनुसार ही दूध पीने के समय को निर्धारित करें।
किसे-कितना दूध दिनभर में पीना चाहिए
बाल शिशु रोग विशेषज्ञ बच्चों को दिन में 400 से 500 ग्राम (2-3 कप) गाय का दूध पीने की सलाह देते हैं। वयस्क व्यक्ति दो गिलास गाय का दूध पी सकते हैं। 200 एमएल से अधिक दूध हृदय संबंधी समस्या के लिए बेहतर माना गया है। महिलाएं अपनी डाइट से दूध को नजरअंदाज करती हैं, जबकि यह बोन हैल्थ के लिए जरूरी है।
मिथक और तथ्य
मिथ 1 : दूध को उबालने से उसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं।
सच: डेयरी फार्मों से सीधे खरीदे गए कच्चे दूध को बैक्टीरिया को दूर करने के लिए उबाला जाना चाहिए। यह दूध में मौजूद पोषक तत्वों की गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करेगा। इसलिए इस तरह के भ्रम में न आएं।
मिथ 2 : आपको सुबह सबसे पहले दूध पीना चाहिए।
सच: दूध नाश्ते के लिए बहुत अच्छा है। लेकिन खाली पेट दूध पीना आपके लिए अच्छी बात नहीं हो सकती। यदि आप खराब पाचन और गैस्ट्रिक समस्याओं से पीडि़त हैं तो भी आपको सुबह दूध पीने से बचना चाहिए।
मिथ 3 : रोजाना दो गिलास दूध पीना चाहिए।
सच: डेयरी उत्पाद संतुलित आहार का एक अनिवार्य हिस्सा है, इसे पनीर या दही जैसे किसी भी रूप में जोड़ा जा सकता है। ये कैल्शियम व प्रोटीन की आपकी दैनिक जरूरतों को पूरा करते हैं। दूध सभी पोषक तत्वों को प्राप्त करने का सुविधाजनक तरीका है, लेकिन केवल इस पर निर्भर नहीं रहना है।
मिथ 4 : दूध ही कैल्शियम का अकेला स्रोत है।
सच: दूध कैल्शियम का एक बड़ा स्रोत है, लेकिन यह निश्चित रूप से एकमात्र नहीं है। उदाहरण के लिए, दो बड़े चम्मच चीया सीड्स में दूध से छह गुना अधिक कैल्शियम होता है। इसलिए आप कैल्शियम आहार में अन्य स्रोतों से भी ले सकते हैं।
मिथ 5 : दूध पीने से सूजन हो जाती है।
सच: - यह उन लोगों के लिए सही हो सकता है जो लैक्टोज असहिष्णु हैं, सामान्य दूध में सूजन या गैस नहीं हो सकती है, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों के संयोजन में इसका सेवन करने से हो सकता है। फलों के साथ दूध नहीं पीना चाहिए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
22 Jun 2023, 7:06 PM IST
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