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Complications of Constipation: बस अपने दिनचर्या में ये बदलाव करके कब्ज से पा सकते हैं राहत, करना होगा ये काम

वरिष्ठ आर्युर्वेद एवं पंचकर्म विशेषज्ञ डॉक्टर सीताराम गुप्ता के अनुसार हमें प्रतिदिन 4-5 लीटर पानी का सेवन करना चाहिए। साथ ही हमें अपनी वजन के अनुसार प्रति 10 किलोग्राम हमे 100 ग्राम ताजे फाल और सब्जी का सेवन करना चाहिए।

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Jun 09, 2023

कब्ज का मुख्य कारण तैलीय और मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन, शराब और सिगरेट पीने, कम मात्रा मात्रा में पानी पीने और रात में देर से भोजन करना है। यह बीमारी काफी परेशान करती है। आज के समय में लगभग 90 प्रतिशत लोगों को कब्ज की समस्या है। वरिष्ठ आर्युर्वेद एवं पंचकर्म विशेषज्ञ डॉक्टर सीताराम गुप्ता के अनुसार हमें प्रतिदिन 4-5 लीटर पानी का सेवन करना चाहिए। साथ ही हमें अपनी वजन के अनुसार प्रति 10 किलोग्राम हमे 100 ग्राम ताजे फाल और सब्जी का सेवन करना चाहिए। जिसमें फाइवर की मात्रा अधिक हो। इसके साथ ही हमें भोजन करते समय हर निवाले को दांतों की संख्या के अनुसार 32 बार चबाना चाहिए। भोजन से 30 मिनट पूर्व और 90 मिनट बाद तक पानी नहीं पीना चाहिए।

डॉक्टर सीताराम के अनुसार भोजन के बाद छाछ में अजवाईन, सौफ, काली मिर्च मिलाकर के प्रयाप्त मात्रा में छाछ का सेवन हमें करना चाहिए। तो हमें कब्ज की समस्या नहीं होगी। हमें आंवले और त्रिफला चूर्ण का सेवन भी करना चाहिए। इससे कब्ज की समस्या दूर (immediate constipation relief) हो जाएगी।

डॉक्टर के अनुसार कब्ज किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह अधेड़ उम्र के लोगों में देखा जाता है। कब्ज होने पर आप नियमित रूप से मल त्याग नहीं कर पाते हैं या पूरी तरह से आपका पेट साफ नहीं हो पाता है। कम मात्रा में पानी पीने से कब्ज की शिकायत होती है। हालांकि, कब्ज के मुख्य कारणों में उम्र बढ़ना, कुछ खास दवाओं का सेवन और शारीरिक गतिविधि कम या नहीं करना शामिल है।

कब्ज की गंभीरता हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकती है। कुछ लोगों को कब्ज की शिकायत मात्र कुछ दिनों के लिए होती है, लेकिन दूसरों के लिए कब्ज क्रोनिक यानी पुरानी हो सकती है जिसके कारण उन्हें दर्द और दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कब्ज का सबसे बड़ा लक्षण है पेट में गैस होना, पेट फूलना और भूख न लगना। इसके अलावा, कब्ज के दूसरे भी अनेक लक्षण हो सकते हैं।

कब्ज के कारण होने वाली समस्याएं

पेट में भारीपन महसूस करना
मतली आना और उल्टी होना
भूख न लगना
छाती में जलन होना
आंतों में जख्म और सूजन होना
बवासीर, भगंदर और फिशर रोग का खतरा बढ़ना
अगर आप कब्ज और कब्ज से होने वाली जटिलताओं से बचना चाहते हैं तो अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में सुधर करने की आवश्यकता है।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए
अगर अपने जीवनशैली एवं डाइट में बदलाव लाने और दवाओं का सेवन करने के बाद भी कब्ज में कोई सुधार न दिखे और आपको कब्ज के कारण पेट में भारीपन, मरोड़ या दर्द अनुभव हो तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए। ताकि किसी गंभीर समस्या से बच सकें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
09 Jun 2023 12:14 pm
Published on:
09 Jun 2023 12:07 pm
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