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Coronavirus Update: Covid-19 से 6 महीनों में हो सकती है इन 5 लाख लोगों की मौत

Coronavirus Update: नाेवल काेराेना वायरस की महामारी से दुनियाभर में अबतक 44 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और 2 लाख 98 हजार से ज्यादा लोगों की इस घातक बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस महामारी का इलाज खोजने में लगे हुए हैं...

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May 14, 2020
coronavirus May rise aids related death by half million in 6 months
Coronavirus Update: Covid-19 से 6 महीनों में हो सकती है इन 5 लाख लोगों की मौत

coronavirus Update: नाेवल काेराेना वायरस की महामारी से दुनियाभर में अबतक 44 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और 2 लाख 98 हजार से ज्यादा लोगों की इस घातक बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस महामारी का इलाज खोजने में लगे हुए हैं, लेकिन अब तक इस बीमारी को रोकने की लिए ना तो कोई सटीक इलाज मिल सका है और ना ही किसी वैक्सीन की खोज हो सकी है। इस बीच एक स्टडी में सामने आया है कि कोरोना के चलते एड्स से जूझ रहे करीब 5 लाख मरीजों की मौत हो सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूएनएड्स (UNAIDS) द्वारा मॉडलिंग स्ट्डी के मुताबिक, अनुमान लगाया गया है कि अफ्रीका के सब-सहारा इलाके में अगले 6 महीनों में अतिरिक्त 5,00,000 से ज्यादा एड्स मरीजों की जान जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह 2008 में एड्स से मरने वालों मरीजों के आंकड़े का रिकॉर्ड तोड़ देगी।

ARV थेरपी से कम हुआ था संक्रमण
अफ्रीका में पिछले 10 सालों में (2010-20) में बच्चों में HIV संक्रमण की दर में 43 प्रतिशत की कमी आई थी। ऐसा एंटीरेट्रोवायरल (ARV) थेरपी की वजह से हुआ था, लेकिन अब अगर इन्हें दवा और थेरपी सही समय पर नहीं मिलती है तो आने वाले 6 महीनों में मोजाम्बिक में 37 फीसदी मरीज बढ़ सकते हैं। वहीं मलावी और जिम्बॉब्वे में ये आंकड़ा 78-78 फीसदी जा सकता है और यूगांडा में इन सबसे ज्यादा 104 फीसदी बच्चे HIV संक्रमित हो सकते हैं।

ARV थेरपी से जिंदा हैं 64 फीसदी मरीज, सप्लाई रूकी
WHO और UNAIDS की स्टडी में बताया गया है कि साल 2018 में सब-सहारन अफ्रीका में 2.57 करोड़ लोग HIV संक्रमित रहे थे। जिनमें से 64 फीसदी एंटीरेट्रोवायरस (ARV) थेरपी की वजह से जिंदा हैं। लेकिन महामारी फैलने के बाद इन इलाकों में स्वास्थ्य सिस्टम बेहद खराब हो चुका है। HIV क्लीनिक्स पर एंटीरेट्रोवायरस की सप्लाई नहीं हो पा रहे हैं। जिस वजह से एड्स के मरीज अपनी दवा की खुराक को मिस कर दे रहे हैं।


इनके के लिए भी खतरनाक है कोरोना वायरस
WHO ने अपनी इस स्टडी में बताया है कि कोरोना वायरस एड्स, टीबी, मलेरिया जैसी बीमारियों के मरीजों के लिए कितना खतरनाक है। ऐसी मरीज भले ही कोरोना संकमित ना हो लेकिन वो किसी न किसी तरीके से ज्यादा परेशानी में आ सकते हैं।

फिर से इतिहास में धकेलेगा ये आंकड़ा
WHO के महानिदेशक डॉ. टड्रोस अधनोम घेब्रेसस ने दुख जाहिर किया कि यह रिपोर्ट एक अजीब सी स्थिति की ओर ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर अफ्रीका में एड्स से ग्रसित 5 लाख मरीजों की मौत होती है तो यह हमें फिर से इतिहास में वापस ले जाएगा।

WHO के महानिदेशक ने की ये अपील
उन्होंने कहा कि हमें जागना होगा। ना केवल कोरोना बल्कि इसकी वजह से अन्य बीमारियों से भी ग्रसित होने वाले मरीजों को बचाना होगा। WHO के महानिदेशक डॉ. टड्रोस अधनोम घेब्रेसस ने पूरी दुनिया की कंपनियों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को एड्स से संबंधित टेस्टिंग किट्स और दवाओं की मात्रा बढ़ाने को कहा। साथ ही अफ्रीका में लोगों की मदद करने पर भी जोर दिया।