रोग और उपचार

गर्मी के दिनों में ऐसे बढ़ेगी आपकी कार्य क्षमता

गर्मी के दिनों में हम अक्सर जल्दी ही निढ़ाल हो जाते हैं और कोई काम करने का मन नहीं करता।
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May 07, 2018
गर्मी के दिनों में ऐसे बढ़ेगी आपकी कार्य क्षमता

गर्मी के दिनों में हम अक्सर जल्दी ही निढ़ाल हो जाते हैं और कोई काम करने का मन नहीं करता। तेजी से चमकते सूरज और गर्म हवाएं मानो हमारी सारी ऊर्जा को खींच लेते हैं। ऐसे में अगर आपको अपनी कार्यक्षमता को बरकरार रखना है और साथ साथ बढ़ाना भी है, तो आजमाएं ये आसान उपाय।

दिन भर पीते रहें ठंडा पानी
गर्मियों में हमारे शरीर का डिहाइड्रेशन बहुत तेजी से होता है। शरीर में पानी की मात्रा कम होते ही इसकी ऊर्जा कम होने लगती है। इसलिए दिन भर घड़े का ठंडा पानी, फलों के रस व अन्य पेय पदार्थ नियमित रूप से पीते रहें। इससे आपको ताजगी का अहसास होगा और शरीर में ऊर्जा भी बनी रहेगी।

दिन में दो-तीन बार चेहरा धोएं
ठंडे पानी से चेहरा धोने पर मुरझाई हुई, पसीने से चिपचिपी हुई स्किन को राहत मिलती है। सुस्त चेहरा और अलसाई आंखें खिल उठती हैं। कहीं भी बाहर से लौटें और थकान महसूस करें तो सबसे पहले पसीना सुखाएं और फिर हाथ पैर औऱ मुंह धो लें।

भरपूर आराम करें
जब मौसम प्रतिकूल हो तो आपके शरीर का जल्दी थक जाना स्वाभाविक है। इससे आप जोर जबरदस्ती काम लेंगे, तो बीमार पड़ जाएंगे। बेहतर होगा दोपहर में आधा घंटा आराम करें और रात को जल्दी सो जाएं। इससे आपको ताजगी और ऊर्जा मिलेगी। सुबह के ठंडे मौसम में अपने पेंडिंग काम कर लें, यह ज्यादा अच्छा होगा।

नाश्ता जरूर करें
माना कि कई बार सुबह सुबह कुछ खाने की इच्छा नहीं करती। लेकिन इसके बावजूद अपनी सेहत के मद्देनजर आपको नाश्ता जरूर करना चाहिए। भले ही कुछ हल्का फुल्का लें जैसे इडली, पोहा, दलिया, कॉर्नफ्लेक्स आदि। लेकिन भूखे पेट न रहें। अधिक देर भूखे पेट रहने से पेट में गैस भी हो जाती है।

लंच भी हल्का रखें इस मौसम में
गर्मियों के मौसम में लंच भी हेवी नहीं लेना चाहिए। इन दिनों हमारा पाचन तंत्र भी सर्दियों की तुलना में सुस्त हो जाता है। इसलिए आप फल, सलाद, जूस और मेनमील आदि अलग अलग वक्त पर दो तीन घंटे के अंतराल से लेंगे तो भूख भी नहीं लगेगी, शरीर को आवश्यक कैलोरी भी मिलती रहेगी और पाचनतंत्र भी अपना काम कुशलतापूर्वक करता रहेगा।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
07 May 2018 12:40 am