
इन दिनों बच्चों में बढ़ती फास्टफूड की आदत उनकी सेहत बिगाड़ रही है। ऐसे में जरूरी है कि उनकी आदतों में बदलाव किया जाए। लेकिन बच्चों की आदतों को बदलना मुश्किल है। इसलिए इनके खाने में पौष्टिक चीजों को बढ़ाएं। खानपान में कुछ खास बदलाव लाकर इनकी आदत को बदला जा सकता है।
बच्चों को हैल्दी फूड खाना ऐसे सिखाएं
दूध को शाकाहारियों का रक्षक भी कहा जाता हैं। सादा दूध देना बंद करें उसमें कोई फ्लेवर डाल दें। अगर बच्चा छोटा हो तो दूध को दलिया, सूजी की खीर आदि में मिलाकर दें।
जूस व कोल्ड ड्रिंक आदि न दें और अगर देना भी पड़े तो उसमें थोड़ा पानी मिलाकर दें। शेक , टॉफी व चॉकलेट दिन में एक बार से ज्यादा न दें और कोशिश करें कि एक दिन में तीनों मीठी चीजें एक साथ ना दें।
बिस्कुट, बर्गर, पिज्जा व चिप्स आदि ठोस पदार्थ दे सकती हैं लेकिन हर रोज इन्हें खिलाने से बचें।
बच्चों को पौष्टिक चीजों को नई तरह से बनाकर देंगी तो वे उसे मन से खाएंगे। चाहें तो डिश का नाम उनके फेवरेट कार्टून कैरेक्टर के नाम पर रख सकती हैं। इससे उनकी दिलचस्पी भी बढ़ेगी।
मां रखें इन बातों का ध्यान
बच्चें को जबरन खाना न खिलाएं। उसके सामने न कहें कि ‘खाने के लिए तंग करता है’ या कुछ नहीं खाता।
इसके अलावा अगर बच्चा बहुत कम खाना खाता है तो आप मक्खन व तले-भुने भोजन के रूप में वसा की मात्रा बढ़ाएं जिससे कैलोरी की मात्रा बढ़े।
खाना खाने के १ घंटे पहले तक उसे कुछ न दें ताकि भूख बढ़े और वह खाना पेट भरकर खा सके।
बच्चों को खाना खिलाते समय कटोरियों की संख्या पर न जाएं बल्कि पोषक तत्वों पर ध्यान दें। आहार में प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें।
खाने में शामिल हो
फल और दूध से बने प्रोडक्ट्स-फलों में विटामिंस, मिनरल्स और कार्बोहाइडे्रट्स की मात्रा अधिक होती है। इन्हें डाइट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन ब्रेकफास्ट के लिए अनाज इससे अच्छा ऑप्शन हो सकता है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर ज्यादा होता है। एक संतुलित ब्रेकफास्ट में अनाज, दूध, फल और दूध से बने दूसरे प्रोडक्ट्स हों, जो इन्हें हैल्दी भी बनाए रखते हैं।
Published on:
07 May 2018 12:33 am
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