रोग और उपचार

Health News: रक्त नलिका में स्कैंरिंग का निर्माण हो सकता है घातक, इस जोखिम से बचने के लिए जरूर आजमाएं ये उपाय

Health News: विटामिन 'ए' मानव शरीर में कई कार्यों को अंजाम देता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं के एक दल ने इसकी मदद से एक ऐसे जैव निम्नीकरणीय (बायोडिग्रेडेबल) पदार्थ का विकास किया है, जो रक्त नली में स्कैरिंग (घाव भरने की स्वाभाविक क्रिया) से होनेवाले खतरों को दूर करने में सक्षम है।
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Updated: 26 Jun 2021, 11:10 PM IST
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Health News: विटामिन 'ए' मानव शरीर में कई कार्यों को अंजाम देता है। वर्ष 2015-16 में अमेरिकी शोधकर्ताओं के एक दल ने इसकी मदद से एक ऐसे जैव निम्नीकरणीय (बायोडिग्रेडेबल) पदार्थ का विकास किया है, जो रक्त नली में स्कैरिंग (घाव भरने की स्वाभाविक क्रिया) से होनेवाले खतरों को दूर करने में सक्षम है। स्कैरिंग घाव भरने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा है और रक्त नलिका में स्कैंरिंग का निर्माण घातक भी हो सकता है।

नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधकर्ता गुईलर्मो अमीर ने कहा, जब घाव होता है, तो कोशिकाओं में विभाजन होता है और यह रक्त नलिका में चला जाता है, जिससे स्कैरिंग का निर्माण होता है। यह रक्त नलिका में अवरोध उत्पन्न कर सकता है, जिससे रक्त परिवहन में बाधा पैदा हो सकती है। क्षतिग्रस्त रक्त नलिका के इलाज के लिए विटामिन ए से निर्मित मुलायम लोचदार पदार्थ का इस्तेमाल किया जा सकता है या इसका प्रयोग चिकित्सकीय उपकरण जैसे स्टेंट्स या प्रोस्थेटिक वेस्कुलर ग्राफ्ट्स के निर्माण में किया जा सकता है।

पत्रिका एसीएस बायोमेटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रकाशित शोध में लेखकों ने कहा, चूंकि यह पदार्थ विटामिन 'ए' का बना होता है, इसलिए यह शरीर को तो लाभ पहुंचाता ही है, साथ ही चिकित्सकीय उपकरणों के निर्माण में भी यह अपनी व्यापक भूमिका निभाता है।

पदार्थ के नष्ट होने पर विटामिन 'ए' बाहर निकलता है, जो स्कैरिंग को कम करता है या उससे बचाव करता है। मधुमेह से पीडि़त लोगों के घाव भरने में एक बैंडेज के निर्माण में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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